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बाघों और शावकों से समृद्ध हुआ नवेगांव व नागझिरा, बढ़ रहे टूरिस्ट

बाघों और शावकों से समृद्ध हुआ नवेगांव व नागझिरा, बढ़ रहे टूरिस्ट

डिजिटल डेस्क, गोंदिया। वन्यजीव प्रेमियों की पहली पसंद बने नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प में व्याघ्र दर्शन के लिए इन दिनों दीपावली के अवकाश के कारण पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है। 7 बाघ एवं 10  शावक नागझिरा की शान बढ़ा रहे हैं। उनकी दहाड़ व चहलकदमी से नवेगांव-नागझिरा का जंगल गूंज रहा है। 10 में से 7 शावक (सब एडल्ट) एक  एवं तीन वर्ष के हैं। 

उल्लेखनीय है कि पहले नागझिरा केवल अभयारण्य के नाम से पहचाना जाता था। लेकिन बाघों की संख्या बढ़ाने एवं पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नागझिरा का बड़े पैमाने पर विस्तार किया गया। नागझिरा वन्यजीव अभयारण्य, न्यू नागझिरा, नवेगांव राष्ट्रीय उद्यान, नवेगांव अभयारण्य एवं कोका वन्यजीव अभयारण्य को मिलाकर सरकार द्वारा 12  दिसंबर 2013  को नवेगांव-नागझिरा नामक राज्य का पांचवां व्याघ्र आरक्षित क्षेत्र अस्तित्व में लाया गया। व्याघ्र आरक्षित क्षेत्र  घोषित होते ही व्याघ्र दर्शन के लिए आनेवाले पर्यटकों की संख्या में दिनोंदिन बढ़ोतरी हो रही है।

दूर-दूर से आए हुए पर्यटकों को यहां विचरण कर रहे 7 बाघ एवं 10  शावकों के दर्शन होने से वे प्रफुल्लित हो रहे हैं।  उनके साथ-साथ इस अभयारण्य में वाइल्ड डॉग, भालू, तेंदुए के पर्यटकों को सर्वाधिक दर्शन हो रहे हैं। जिस तरह से नवेगांव-नागझिरा का विस्तार बढ़ा इस तुलना में पिछले पांच वर्षों में बाघों की संख्या में इजाफा न होने से जिले के वन्यजीव प्रेमियों में निराशा भी दिखाई दे रही है। कुल 556.36  चौ.किमी क्षेत्र में बसे इस प्रकल्प का अधिसूचित बफर क्षेत्र 1 हजार 241 .27  एवं कुल व्याघ्र प्रकल्प कोअर तथा बफर क्षेत्र 1 हजार 894 .94  चौ.किमी बताया गया है। क्षेत्र विस्तार को देखा जाए तो यहां कम से कम 25 से 30 बाघ होने चाहिए थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में बाघों के अधिवास पर आघात होने से बाघों की संख्या बढऩे की बजाए घटती नजर आ रही है। बावजूद इसके 7  बाघ एवं 10  शावक नागझिरा की शान बढ़ा रहे हैं। 

इन दिनों शालाओं को दीपावली का अवकाश होने के चलते नागझिरा में व्याघ्र दर्शन के लिए  आनेवाले पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ गई है। उल्लेखनीय है कि दीपावली एवं ग्रीष्मकाल में नागझिरा के पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ जाती है। कई बार पर्यटकों को समय पर प्रवेश देना मुश्किल हो जाता है। क्षेत्र विस्तार देखते हुए बाघों के संवर्धन की ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। 

अन्य प्राणियों की संख्या बढ़ी
व्याघ्र संरक्षित क्षेत्र होने के बावजूद भी नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प में बाघों के अलावा अन्य प्राणियों के दर्शन बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में वाईल्ड डॉग, भालू एवं तेंदुए के दर्शन अधिक हो रहे हैं। इन दिनों नागझिरा की जंगल सफारी करने वाले पर्यटकों की संख्या अधिक होने के कारण अनेक पर्यटकों को वेटिंग लिस्ट में रहना पड़ रहा है। ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों प्रकार की बुकिंग बड़े पैमाने पर पर्यटक कर रहे हैं। 

विशेष ध्यान दिया जा रहा 
नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र आरक्षित क्षेत्र मायग्रेशन रूट पर होने के कारण बाघ स्थनांतरित होते रहते है। बाघों की संख्या बढ़ाने एवं उनके संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वन्यजीवों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए नागरिक सहयोग प्रदान करें।  - यू.एस.सावंत,  विभागीय वन अधिकारी (वन्यजीव) गोंदिया
 

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