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कृषि और उद्योग संकट को लेकर बड़ा प्रदर्शन करने के मूड में है शरद पवार

कृषि और उद्योग संकट को लेकर बड़ा प्रदर्शन करने के मूड में है शरद पवार

डिजिटल डेस्क, नागपुर। विधानसभा चुनाव में राज्य में दूसरे स्थान पर रही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अब निकाय चुनावों पर ध्यान लगाने जा रही है। कृषि व उद्योग क्षेत्र के संकट को लेकर प्रदेश स्तर पर प्रदर्शन की तैयारी कर रही है। इस तैयारी के तहत राकांपा अध्यक्ष शरद पवार जल्द ही विदर्भ के दौरे पर आ सकते हैं। बुधवार को मुंबई में राकांपा की कोर कमेटी की बैठक हुई। बैठक में शामिल विदर्भ के एक बड़े नेता के अनुसार पार्टी ने निकाय संस्थाओं के चुनावों को लेकर तैयारी पर काम करने का निर्णय लिया है। नई सरकार को घेरने के लिए शरद पवार के नेतृत्व में विदर्भ से आंदोलन दौरा करने की तैयारी है। पिछले पखवाड़े में बारिश के कारण फसल को बड़ा नुकसान पहुंचा है। खासकर िवदर्भ व मराठवाड़ा में किसान संकट में फंसे हैं। कर्जमाफी के मामले में पहले से ही किसान राहत का इंतजार कर रहे हैं। लिहाजा,राकांपा किसानों के बीच जाकर सरकार िवरोधी माहौल बनाएगी।

विधानसभा चुनाव के समय शरद पवार ने राज्य स्तर पर दौरा किया। प्रचार थमने के दो दिन पहले बारिश में उनकी सभा सबसे अधिक चर्चा में थी। कांग्रेस राकांपा गठबंधन को पहले से अधिक बढ़त मिली है। माना जा रहा है कि चुनाव में सफलता का श्रेय पवार को देते हुए कांग्रेस भी राकांपा के साथ सरकार के विरोध में आक्रामक हाे सकती है। चुनाव प्रचार के समय पवार यवतमाल औद्योगिक परिसर में रेमंड गेस्ट हाऊस में ठहरे थे। उन्होंने परिसर में कामगारों से संवाद साधा था। बड़ी औद्योगिक इकाई बंद होने से कामगार बेरोजगार हो रहे हैं। यवतमाल ही नहीं बूटीबोरी एमआईडीसी परिसर, मिहान व अन्य औद्योगिक परिसर में उद्योगों की स्थिति ठीक नहीं है। कहा जा रहा है कि सरकार की नीतियों के कारण रोजगार नहीं मिल रहा है। इन मुद्दों के साथ राकांपा सरकार विरोधी माहौल बनाने का प्रयास करेगी।

दिसंबर में विधानमंडल का शीतसत्र नागपुर में होगा। सत्र में विदर्भ की समस्याओं को प्रमुखता से साथ उठाया जाता है। राकांपा का प्रयास है कि वह सत्र से पहले प्रदर्शनकारी भूमिका निभाकर विदर्भ की समस्याओं पर अध्ययन भी कर लें। राकांपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण कुंटे के अनुसार चुनाव के समय किसानों की समस्याओं पर सरकार का ध्यान नहीं रहता है। विविध कारणों से किसान संकट में फंसे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में सरकार के विरोध असंतोष चुनाव परिणाम में भी दिख रहा है। लिहाजा राकांपा ने आंदोलनकारी भूमिका निभाने का निर्णय लिया है। फिलहार शरद पवार का विदर्भ दौरा तय नहीं हुआ है।

 

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