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राऊत फिर बोले शिवसेना का ही होगा सीएम, जुटा लेंगे बहुमत 

राऊत फिर बोले शिवसेना का ही होगा सीएम, जुटा लेंगे बहुमत 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर सत्ताधारी भाजपा और शिवसेना के बीच गतिरोध कायम है। शुक्रवार को शिवसेना सांसद संजय राऊत ने कहा कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री शिवसेना का होगा। अगर शिवसेना ने ठान लिया तो महाराष्ट्र में स्थिर सरकार देने के लिए पार्टी आवश्यक बहुमत जुटा सकती है। राऊत ने भाजपा को चेताते हुए कहा कि जिनके पास बहुमत नहीं है, वह सरकार बनाने का दावा पेश करने का साहस न करे। नहीं तो बहुत फजीहत हो जाएगी। शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में राऊत ने कहा कि पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि है कि राज्य में मुख्यमंत्री शिवसेना का होगा तो आप लिखकर रख लीजिए कि प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा। बिना भाजपा की मदद के शिवसेना कैसे बहुमत जुटाएगी? इस सवाल पर राऊत ने कहा कि फिर भाजपा कैसे बहुमत जुटाएगी। राऊत ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता चाहती है कि शिवसेना का मुख्यमंत्री बने। भाजपा और शिवसेना के बीच सत्ता में भागीदारी का 50-50 का फार्मूला जनता के सामने तय हुआ था। उस फार्मूले पर अमल हो। शिवसेना और भाजपा मिलकर सरकार चलाए। यही जनता का जनादेश है। मगर इस जनादेश को कोई मानने से इंकार कर देता है तो हमारी भाजपा से चर्चा नहीं हो सकती। राऊत ने कहा कि सरकार बनाने के लिए भाजपा की ओर से शिवसेना के पास अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं आया है। राऊत ने कहा कि 24 अक्टूबर को चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा का कर्तव्य था कि वे चर्चा के लिए आए। भाजपा 7 दिनों से क्या कर रही थी। 

भाजपा के नेता निर्णय लेने में असफल

एक सवाल के जवाब में राऊत ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को हस्तक्षेप करने की कोई जरूरत नहीं है। शाह कह चुके हैं कि प्रदेश भाजपा के नेता निर्णय लेंगे। लेकिन प्रदेश भाजपा के नेता निर्णय लेने में असफल रहे हैं। शिवसेना की ओर से भाजपा को अल्टीमेटम देने के सवाल पर राऊत ने हाथ जोड़ लिया। राऊत ने कहा कि वे बहुत बड़े लोग हैं। हम उन्हें क्या चेतावनी दे सकते। भाजपा की ओर से शिवसेना को 16 मंत्री पद देने की खबरों पर राऊत ने कहा कि हम लोग यहां पर दुकान खोलकर नहीं बैठे हैं। हम लोग व्यापारी नहीं हैँ और हमारा नेता, राजा और कार्यकर्ता भी व्यापारी नहीं है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं की मुलाकात के सवाल पर राऊत ने कहा कि मैं यह नहीं मानूंगा कि वे शिवसेना को समर्थन देने के संबंध में चर्चा के लिए गए हैं। राऊत ने कहा कि कांग्रेस भी नहीं चाहेगी कि महाराष्ट्र में सत्ता भाजपा के पास जाए।

शरद पवार से चर्चा का खुलासा नहीं 

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकात के सवाल पर राऊत ने कहा कि मैं मीडिया को क्यों बताऊं कि उनसे मेरी क्या चर्चा हुई है। मैं पवार से मुलाकात करता रहता हूं। इसको लेकर मेरी आलोचना भी होती है। लेकिन उनसे मिलने के बाद कई बातें मैं सिखता हूं। राऊत ने कहा कि रांकापा के नेता मेरी और पवार की मुलाकात से इनकार कर रहे हैं। मुझे लगता है कि उन पर विश्वास नहीं करना चाहिए। पवार से कभी-कभी प्रदेश की राजनीति के बारे में बातचीत होती रहती है। पवार महाराष्ट्र का हित चाहते हैं और हम भी महाराष्ट्र का हित चाहते हैं। लेकिन पवार से मुलाकात का राजनीतिक मतलब निकालने का कोई अर्थ नहीं है। वे देश के बहुत बड़े नेता हैं। विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपना कद दिखा दिया है। राकांपा राज्य में मुख्य विपक्षी दल है। 

3 नवंबर से मराठवाडा के दौरे पर उद्धव

इसी दौरान राऊत ने बताया कि बेमौसम बारिश के कारण फसलों का हुए नुकसान को देखने के लिए उद्धव ठाकरे 3 नवंबर को मराठवाड़ा के दौरे पर जाएंगे। राऊत ने एक ट्वीट कर भाजपा पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि ‘साहिब, मत पालिए अहंकार को इतना, वक्त के सागर में कई, सिन्कदर डूब गए।’ हालांकि राऊत ने दावा किया कि यह ट्वीट भाजपा के लिए नहीं है। उन्होंने कहा कि चाहे व्यक्तिगत जीवन हो, सामाजिक या राजनीतिक जीवन हो। अंहकार से डूबा हुआ आदमी हो, संस्था या फिर संगठन हो वह डूब जाता है। यह इतिहास रहा है। इसलिए इससे सभी को सबक लेना चाहिए। 
 

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