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सर्वे: अधिकांश पाकिस्तानी नहीं मानते कश्मीर को बड़ा मुद्दा

सर्वे: अधिकांश पाकिस्तानी नहीं मानते कश्मीर को बड़ा मुद्दा

हाईलाइट

  • पाकिस्तान की 92 फीसदी जनता को कश्मीर से लेना-देना नहीं
  • 53 फीसदी पाकिस्तानियों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा महंगाई है
  • बेरोजगारी देश की सबसे बड़ी समस्या

डिजिटल डेस्क। पाकिस्तान सरकार और विपक्ष के नेता भले ही हर समय कश्मीर और कश्मीर से भारत सरकार द्वारा हटाए गए अनुच्छेद 370 का राग अलापते रहते हैं, लेकिन पाकिस्तान की जनता के लिए अपनी जिंदगी की रोजमर्रा की समस्याएं कश्मीर मुद्दे से कहीं अधिक महत्व रखती हैं। यह नतीजा एक सर्वेक्षण में पाया गया है।

गैलप पाकिस्तान द्वारा कराए गए इस सर्वेक्षण ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि पाकिस्तान में लोगों का ध्यान बुनियादी समस्याओं से हटाने के लिए राजनेता कश्मीर मुद्दे को हवा देते हैं। इसके बावजूद जनता कश्मीर मुद्दे को अधिक महत्व नहीं देती है। सर्वेक्षण में सामने आया है कि पाकिस्तान की जनता सबसे ज्यादा अपने देश की महंगाई के कारण परेशान है।

सर्वे के मुताबिक, 53 फीसदी पाकिस्तानियों ने कहा कि उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी समस्या महंगाई है जिसने उनके घरेलू बजट को हिलाकर रख दिया है। गौरतलब है कि हाल में आई आधिकारिक रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान में इन दिनों में जितनी महंगाई बढ़ रही है, उतनी  महंगाई देश के इतिहास में कभी नहीं रही।

सर्वेक्षण के मुताबिक, महंगाई के बाद पाकिस्तानी जनता बेरोजगारी को दूसरा सबसे बड़ा मुद्दा मानती है। इसमें शामिल 30 फीसदी लोगों ने कहा कि उनके लिए देश में व्याप्त बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है। इस सर्वेक्षण में पाया गया कि केवल 8 फीसदी पाकिस्तान नागरिक ही कश्मीर मुद्दे को सबसे बड़ा मुद्दा मानते हैं। इसका मतलब देश की 92 फीसदी जनता को कश्मीर मुद्दे से कोई लेना-दना नहीं है।

वहीं भ्रष्टाचार के मामले में पाकिस्तान की ख्याति अच्छी नहीं है लेकिन केवल 4 फीसदी पाकिस्तानियों ने ही भ्रष्टाचार को देश की सबसे बड़ी समस्या बताया। साथ ही सिर्फ 2 फीसदी लोगों ने देश में राजनैतिक अस्थिरता को सबसे बड़ा मुद्दा बताया।

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