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तावडे ने मनसे अध्यक्ष की सभाओं को बताया टूरिस्ट टॉकीज,  राज के इस बयान से बचाव में आई भाजपा  

तावडे ने मनसे अध्यक्ष की सभाओं को बताया टूरिस्ट टॉकीज,  राज के इस बयान से बचाव में आई भाजपा  

डिजिटल डेस्क, मुंबई। चुनाव प्रचार के बीच सोलापुर में मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे और राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के बीच हुई मुलाकात पर भाजपा ने कटाक्ष किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य के शिक्षामंत्री विनोद तावडे ने कहा कि राज ठाकरे के टुरिस्ट टॉकीज के लिए पवार ने नई स्क्रिप्ट सौपी है। मंगलवार को तावडे ने कहा कि उस्मानाबाद वापस आते समय राज ठाकरे से मिलने के लिए पवार ने अपने हेलिकाप्टर का रास्ता बदला और सोलापुर के बालाजी होटल में दोनों के बीच मुलाकात हुए। तावडे ने कहा कि दरअसल इस मुलाकात में पवार ने राज ठाकरे के टुरिस्ट टॉकीज के लिए अगली स्क्रिप्ट दी है। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव न लड़ने के बावजूद राज ठाकरे इनदिनों महाराष्ट्रभर में घूम-घूम कर भाजपा के खिलाफ जनसभाएं कर रहे हैं। राज की जनसभाओं को टुरिस्ट टॉकीज बताते हुए तवाडे ने कहा कि फिलहाल महाराष्ट्र में राज ठाकरे के टुरिस्ट टॉकीज का शो शुरु है। उन्होंने कहा कि हमने राज ठाकरे की सभाओं का खर्च नहीं मांगा है। हमने चुनाव आयोग से मांग कि है कि उनकी सभाओं का खर्च किस उम्मीदवार के खाते में जोड़ेंगे। तावडे ने कहा कि सोलापुर की सभा में राज ने प्रधानमंत्री मोदी की जनसभाओं का खर्च की जानकारी मांगी थी। मोदी भाजपा के स्टार प्रचारक हैं, उनकी सभाओं के खर्च की जानकारी पार्टी के खर्च के रुप में नियमत तौर पर आयोग को दी जाती है। तावडे ने कहा कि मनसे अक्सर चुनाव नहीं लड़ती इस लिए उन्हें यह बात पता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मनसे बताए कि राज ठाकरे किस पार्टी के स्टार प्रचारक हैं। तावडे ने कहा कि मोदी फिर से प्रधानमंत्री बने तो कांग्रेस-राकांपा की खैर नहीं। इस लिए पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण कह रहे हैं कि यह हमारे अस्तित्व की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर कांग्रेस के विधायक ही अपनी पार्टी के लिए काम नहीं कर रहे हैं। 

कांग्रेस के विज्ञापन की आयोग से शिकायत

तावडे ने कहा कि कांग्रेस-राकांपा महा गठबंधन के एक विज्ञापन में बताया जा रहा है कि एक किसान को कर्जमाफी के रुप में सिर्फ 10 रुपए का चेक मिला। जबकि सरकार ने किसान सम्मान योजना के तहत कर्जमाफी की रकम चेक नहीं आरटीजीएस के जरिए बैंकों तक भेजा था। उन्होंने कहा कि हमनें राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी अश्विनी कुमार से इस तरह के दुष्प्रचार करने वाले विज्ञापन जारी करने वाले दलों पर कार्रवाई की मांग की है।  
   
हरिसाल के युवक के नौकरी छोड़ने की होगी जांच

उधर मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे की तरफ से अमरावती के डिजिटल गांव हरिसाल गांव के बेरोजगार युवक को अपने मंच पर पेश करने के बाद भाजपा बचाव की मुद्रा में है। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में भाजपा नेता व प्रदेश के शिक्षा मंत्री विनोद तावडे ने कहा कि डिजिटल हरिसाल गांव के सरकारी विज्ञापन करने वाले युवक ने नौकरी की तलाश में अपना गांव क्यों छोड़ा, इस बात की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि शायद युवक को गांव में डिजिटल काम करने में कठिनाई हुई होगी, इसलिए वह गांव छोड़कर नौकरी की तलाश में दूसरे शहर में गया होगा। इससे पहले सोमवार को राज ने डिजिटल हरिसाल गांव के विज्ञापन में नजर आने वाले युवक को सोलापुर की सभा में मंच पर लोगों के सामने लाया था। राज ने कहा था कि यह युवक सरकार के विज्ञापन में नजर आ रहा है, लेकिन यह युवक हरिसाल गांव छोड़कर अब मुंबई में रोजगार खोज रहा है। इसके जवाब में तावडे ने कहा कि हरिसाल गांव को लेकर राज ने जो कहा है उसमें सभी बातें सच नहीं है। तावडे ने कहा कि हरिसाल गांव शहर से काफी दूर जंगल में बसा हुआ है। जंगल में टू जी के जरिए डिजिटल सेवा पहुंचना बहुत बड़ी बात है। तावडे ने कहा कि मैंने हरिसाल गांव के शिक्षकों से बात की है। उन्होंने बताया कि स्कूल में 14 कम्प्यूटर शुरू है। तावडे ने कहा कि मीडिया को पीपली लाइव फिल्म की तरह हरिसाल लाइव करना चाहिए। इसके बाद हकीकत का पता चल सकेगा। एक सवाल के जवाब में तावडे ने कहा कि मनसे की सभा के खर्च को लेकर मेरी शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने राज के भाषण की प्रति को मंगाया है। इसकी जांच के बाद चुनाव आयोग फैसला करेगा। 


 

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