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घटिया गोला-बारूद ने बढ़ाई सेना की चिंता, रक्षा मंत्रालय को लिखी 15 पेज की चिट्ठी 


हाईलाइट

  • भारतीय सेना ने गोल-बारूद की गुणवत्ता पर जाहिर की चिंता
  • रक्षा मंत्रालय को लेकर भारतीय सेना के उच्चधिकारियों ने लिखा पत्र
  • 15 पेज के पत्र में बताई बहुत सारी समस्याएं

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। इंडियन आर्मी ने डिफेन्स मिनिस्ट्री को एक लेटर लिखा है। जिसमें घटिया गोला-बारूद और युद्ध उपकरणों से सैन्य क्षेत्र में लगातर बढ़ रही दुर्घटनाओं पर चिंता जाहिर की है। लेटर लिखा गया है कि घटिया क्वालिटी के गोला-बारूद के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में सैनिकों की जान जा रही है, सैनिक घायल हो रहे हैं और साथ ही रक्षा उपकरणों को भी नुकसान पहुंच रहा है। यह गोला-बारूद सरकार के स्वामित्व वाले ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड द्वारा टैंक, तोपों, एयर डिफेंस गन और अन्य युद्ध उपकरणों के लिए सप्लाई किया जाता है।

जानकारी के मुताबिक ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड द्वारा सप्लाई किए गए गोला-बारूद के कारण बढ़ती दुर्घटनाओं के कारण सेना का भरोसा अपने रक्षा उपकरणों पर कम हो रहा है। सेना ने ऑर्डनेंस फैक्ट्री द्वारा गोला-बारूद के क्वॉलिटी में अपेक्षित ध्यान नहीं दिए जाने के संबंध में भारतीय सेना के उच्च अधिकारियों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा,ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के गोला-बारूद की क्वॉलिटी में गिरावट से देश की युद्ध क्षमताओं पर गहरा असर पड़ता है। इस संबंध सही दिशा में जरुरी कदम उठाने के लिए आग्रह किया है। 

बता दें कि 19 हजार करोड़ रुपयों के सालाना टर्नओवर वाले ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के पास गोला-बारूद बनाने वाली कुल 41 फैक्ट्री हैं जो 12 लाख सैनिकों वाली भारतीय सेना को गोला-बारूद की सप्लाई करने वाला मुख्य स्रोत है। सेना द्वारा लिख गए लेटर पर रक्षा उत्पादन सचिव कुमार ने सेना से अपनी विभिन्न समस्याओं को प्रस्तुत करने को कहा है।

15 पेज के अपने लेटर में सेना ने बेहद गंभीर समस्याएं सामने रखी हैं। इसमें बताया गया है कि 105 एमएम की इंडियन फील्ड गन, 105 एमएम लाइट फील्ड गन, 130 एमएम एमए1 मीडियम गन, 40 एमएम एल-70 एयर डिफेंस गन और टी-72, टी-90 और अर्जुन टैंक की तोपों के साथ नियमित तौर पर दुर्घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके अलावा खराब क्वॉलिटी के गोला-बारूद के कुछ केस 155 एमएम की बोफोर्स तोपों के मामले में भी सामने आए हैं। सूत्रों के मुताबिक, ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड इस समस्या को सुलझाने के प्रति गंभीर नहीं है जिसके कारण सेना ने अपने कुछ लॉन्ग रेंज के गोला-बारूद की फायरिंग रोक दी है। 

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