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5 देश जहां पर अब भी राजाओं और सुल्तानों का शासन है 

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 03rd, 2018 09:28 IST

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डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। 19वीं सदी से पहले इस दुनिया पर राजतंत्र हावी रहा है। मतलब कि ज्यादातर देशों पर राजाओं का शासन होता था। आज के दौर में किसी भी देश को चलाने के लिए लोकतंत्र को सबसे बेहतर माना जाता है। कई देशों में लोकतंत्र के लिए वहां की जनता ने विद्रोह किया है और सफलता भी पाई है। दुनिया में 40 मुल्क ऐसे हैं जहां आज भी राजाशाही है। यूरोपियन देशों की बात करें तो वहां राजशाही के साथ-साथ संवैधिनिक राजतन्त्र है। इसका मतलब कि वहां राजाओ के पास सिर्फ पारम्परिक शक्तियां हैं। राजनीति में वो कोई खास दखल नहीं दे पाते। आइये नजर डालते हैं ऐसे ही देशों पर जहां आज भी राजशाही या राजतंत्र है।

वेटिकन सिटी 


महज 110 एकड़ में फैला हुआ वेटिकन सिटी दुनिया का सबसे छोटा देश है। यहां कि आबादी सिर्फ 842 है। यहां पर पोप का शासन चलता है।  सारी राजनीतिक शक्तियां पोप के हाथों में होती हैं। रोमन कैथोलिक चर्च के सर्वोच्च धर्म गुरु, रोम के बिशप और वैटिकन के राज्याध्यक्ष को पोप कहते हैं। 'पोप' का शाब्दिक अर्थ 'पिता' होता है। ये एक अकेला ऐसा देश है जो संयुक्त राष्ट्र का सदस्य नहीं है। 

स्वाजीलैंड 


ये अफ्रीकी महाद्वीप का सबसे छोटा देश होने के साथ एक स्वतंत्र राष्ट्र है। यहां के  राजा या एनग्वेनयामा का नाम है एमस्वाती (तृतीय) जो कि 1986 में अपने पिता किंग सोबुजा (द्वितीय) के मरने के बाद यहां के राजा बने। यहां राजा ही राज्य के प्रमुख प्रधानमंत्री और संसद के प्रतिनिधियों को नियुक्त करता है। इस राज्य को राजा या राजा की माँ संभालती है जो एनद्लोवुकाती के नाम से जानी जाती है। अगर माँ की मृत्यु हो जाती है तो राजा की पत्नी शासन को आगे बढ़ाती हैं। स्वाजीलैंड संयुक्त राष्ट्र का सदस्य है।

ओमान

 
इस देश में सल्तनत चलती है। फिलहाल कबूस बिन सईद अल सईद ओमान के सुल्तान हैं जिन्होंने खुद ही को सुल्तान घोषित कर दिया था। 1737 में ओमान पर पर्शियन्स ने अटैक कर दिया था। उस वक्त अल सईद ने पर्शियन्स को पराजित का दिया था। कहा जाता है कि ओमान के सुल्तान को आलोचनाएं सुनना पसंद नहीं है। ओमान में नागरिकों को काफी कम अधिकार दिए गए हैं। ओमान में नागरिकों को सार्वजनिक बैठक करने का अधिकार नहीं है। 

कतर


19वीं सदी से कतर पर अल थानी वंश का शासन है। वर्त्तमान में राज्य के प्रमुख और आठवें अमीर हैं शेख तमीम बिन हमद अल थानी। कतर में रुढ़ीवादी समाज है और ये सख्ती से वहाबी इस्लाम का पालन करते हैं। अल थानी का पूरा परिवार कतर में 1825 से राज कर रहा है। कतर किसी भी तरीके की राजनीतिक दलों या किसी अन्य संघटनों का गठन होने नहीं देता। अमीर हमीद यहां के सामाजिक और सांस्कृतिक निर्णय लेते हैं। 

एंडोरा


ऑफिशियली एंडोरा को प्रिन्सिपलिटी ऑफ एंडोरा कहा जाता है। ये यूरोप देश का छटवां सबसे छोटा राष्ट्र है। यहां की आबादी 85 हजार के करीब है। यहां दो शासकों का शासन है और इसलिए इसे प्रिन्सिपलिटी ऑफ एंडोरा कहा जाता है। दोनों शासकों में एक रोमन कैथोलिक बिशप हैं और दूसरे हैं फ्रांस के राष्ट्रपति जो इस देश पर शासन करते हैं। एंडोरा की अर्थव्यवस्था यहां आए पर्यटकों पर निर्भर करती है। इसकी खुद की अपनी कोई सेना नहीं है।

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