Bankipur By-Election Result 2026: BJP के कोर वोटर्स में सेंधमारी से लेकर जमीनी मुद्दे उठाने तक, इन 5 वजहों से बीजेपी के गढ़ में पीके ने गाड़ा झंडा

BJP के कोर वोटर्स में सेंधमारी से लेकर जमीनी मुद्दे उठाने तक, इन 5 वजहों से बीजेपी के गढ़ में पीके ने गाड़ा झंडा
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को हुए उपुचनाव का रिजल्ट आ गया है। पहली बार चुनाव लड़ रहे जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बीजेपी उम्मीदवार नीरज सिन्हा को 18953 वोटों के अंतर हरा दिया। मतगणना के शुरुआती राउंड से ही प्रशांत किशोर आगे रहे। ऐसे में सवाल उठता है कि बीजेपी का गढ़ माने जाने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट पर प्रशांत किशोर ने कैसे अपनी जीत का झंडा लहराया?

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को हुए उपुचनाव का रिजल्ट आ गया है। पहली बार चुनाव लड़ रहे जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बीजेपी उम्मीदवार नीरज सिन्हा को 18953 वोटों के अंतर हरा दिया। मतगणना के शुरुआती राउंड से ही प्रशांत किशोर आगे रहे। ऐसे में सवाल उठता है कि बीजेपी का गढ़ माने जाने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट पर प्रशांत किशोर ने कैसे अपनी जीत का झंडा लहराया?

मतदाताओं से सीधा संवाद

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने जैसे ही राज्यसभा जाने के लिए विधायकी से इस्तीफा दिया, प्रशांत किशोर बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क करने में जुट गए। वह लोगों के बीच गए, घर-घर जाकर वोटरों से मुलाकात की, जो मुद्दे उनसे सीधे जुड़े हैं उन पर बात की। यही वजह रही कि वोटर्स ने प्रशांत किशोर पर भरोसा जताया।

युवा वोटर्स को अपने पाले में किया

प्रशांत किशोर के जीत की बड़ी वजह बांकीपुर के युवा वोटर्स का उन्हें सपोर्ट करना रहा। वह इस वर्ग को अपने पाले में करने में सफल रहे। खासतौर पर उन्होंने जिस तरह से नीट पेपर लीक मामले को लेकर हो रहे आंदोलन का समर्थन किया और उसके बारे में बात की, उससे युवा उनसे प्रभावित हुए। चुनाव में बीजेपी को वोट देने वाले ज्यादातर लोग 40 साल से ऊपर के थे, जबकि प्रशांत किशोर को युवाओं ने पसंद किया।

सीएम सम्राट चौधरी के प्रति नाराजगी

पीके के जीत का एक और बड़ा कारण सीएम सम्राट चौधरी हैं। क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि नीतीश कुमार की जगह सीएम बने सम्राट चौधरी से लोग खुश नहीं हैं। जातीय समीकरण पर नजर डालें तो सम्राट चौधरी से न भूमिहार खुश हैं और न ही कुर्मी जाति। इसका असर बांकीपुर उपचुनाव में भी दिखा है। नीतीश कुमार कुर्मी समुदाय से आते हैं। कहा जा रहा है कि उनके सीएम पद से हटने की वजह से कुर्मी वोटर नाराज हैं। यही वजह है कि उपचुनाव में कुर्मी समुदाय के वोटर्स ने प्रशांत किशोर के पक्ष में वोट किया।

बीजेपी के कोर वोटर्स में सेंधमारी

प्रशांत किशोर को चुनाव में हर वर्ग के मतदाता का वोट मिला। उन्होंने बीजेपी का कोर वोट बैंक माने जान वाले सवर्ण समाज में सेंधमारी की। इसके अलावा आरजेडी के परंपरागत मुस्लिम वोटर्स को भी प्रशांत किशोर को अपने पक्ष में कर लिया। कहा जा रहा है कि मुस्लिम वर्ग से 65 से 70% वोट प्रशांत किशोर के खाते में गए। यहां तक कि प्रशांत किशोर को यादवों का भी समर्थन मिला है। करीब 30% युवा वर्ग के लोगों ने प्रशांत किशोर को समर्थन दिया है।

स्थानीय व जमीनी मुद्दे उठाए

प्रशांत किशोर ने वोटर्स के पास जाकर स्थानीय व जमीनी मुद्दों पर बात की। उन्होंने बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा और सुशासन जैसे मुद्दों पर मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित किया। इसके अलावा इस चुनाव को जीतने में पीके की पुरानी रणनीतियों का अनुभव भी काम आया। उनके कार्यकर्ताओं की सक्रीयता ने मतदाताओं के बीच अपनी गहरी पैठ बनाई।

Created On :   3 Aug 2026 7:56 PM IST

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