Datia By-Election Result 2026: 15 सालों तक BJP का दबदबा, नरोत्तम मिश्रा का डॉउनफॉल, दतिया में कैसे पलटा BJP का गेम? जानें कांग्रेस के जीत के 5 बड़े कारण

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश की दतिया उपचुनाव सीट पर सोमवार को घोषित हुए नतीजे चौंकाने वाले रहे हैं। यहां एक बार फिर से बीजेपी पर कांग्रेस भारी पड़ी है। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को रिकॉर्ड मार्जिन से हराया है। 2023 में मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद दतिया में एक बार फिर से कांग्रेस इस सीट को बचाने में कामयाब रही। लिहाजा, अब सवाल यह है कि कभी बीजेपी का गढ़ कहा जाने वाला दतिया में पार्टी को हार का स्वाद क्यों चखना पड़ रहा। क्या दतिया के वोटर्स बीजेपी की उम्मीदवारी से खुश नहीं थे? क्या बीजेपी में टिकट कटने से नाराज पूर्व ग्रह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को मौका नहीं मिलने से पार्टी की बढ़ी हार हुई? आइए जानते हैं बीजेपी की हार से जुड़े 5 बड़े कारणों के बारे में -
1. बीजेपी के लिए बढ़ रहा एंटी इनकंबेंसी का खतरा
साल 2008 में परिसीमन के बाद दतिया सीट अस्तित्व में आई। इसके बाद साल 2018 तक के इलेक्शन में नरोत्तम ने चुनाव जीता। लेकिन, साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद वह हार गए थे। बता दें, दतिया से नरोत्तम मिश्रा तीन बार विधायक बन चुके थे। हालांकि, इस दौरान उनकी जीत का अंतर लगातार घटता रहा था।
सबसे पहले साल 2008 में नरोत्तम मिश्रा ने चुनाव लड़ा था। उन्होंने बसपा के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे राजेंद्र भारती को 11 हजार 233 वोटों से हराया था। इसके बाद साल 2013 में नरोत्तम मिश्रा फिर से मैदान में थे। उन्होंने एक बार फिर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे राजेंद्र भारती को हराया था। तब मिश्रा ने 11 हजार 697 वोटों से जीता था। इसके बाद साल 2018 के विधानसभा चुनाव में दतिया से नरोत्तम मिश्रा ने विजय हुए थे। इस चुनाव में भारती और मिश्रा के बीच का अंतर 2 हजार 656 वोट था। साल 2023 के चुनाव में नरोत्त मिश्रा की जीत का पासा उल्टा पड़ गया। उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था। वह 7,772 वोटों से हारे थे। साफ है, बीते चार विधानसभा के आंकड़ों से बीजेपी की हार के आसार बनते नजर आ रहे थे।
2. कांग्रेस के खिलाफ राजेंद्र भारती की बगावत
दतिया उपचुनाव 2026 में राजेंद्र भारती ने कांग्रेस के खिलाफ बागी सुर अपना लिए थे। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने मतदान के बाद दावा किया था कि भारती, बीजेपी के संपर्क में आए और कांग्रेस का नुकसान किया। इस वजह से भारती समर्थकों के कुछ वोट बीजेपी के पास गए होंगे। दतिया उपचुनाव परिणाम से पहले कांग्रेस ने भारती को 2 अगस्त को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
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3. नरोत्तम मिश्रा से बड़ा चेहरा भारती
नरोत्तम मिश्रा, बेशक बतौर कैबिनेट मंत्री और सियासत का ब्राह्मण चेहरा थे लेकिन दतिया में राजेंद्र भारती के सियासी सफर के आगे उनका कद काफी छोटा रहा। डबरा के बाद दतिया से चुनाव लड़ रहे नरोत्तम ने भले ही भारती को कई बार हराया लेकिन पूर्व कांग्रेस नेता का परिवार लंबे वक्त से सियासत में था। बसपा, सपा, कांग्रेस, समेत सभी दलों में वह घूम कर आ चुके हैं।
4. टिकट कटने के बाद नरोत्तम समर्थकों में नाराजगी
टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों की नाराजगी को नियंत्रित और संयमित करते हुए वह खुद चुनाव प्रचार में जुटे रहे। इतना ही नहीं, बल्कि उन्होंने मंच से ये तक कहा था कि टिकट आशुतोष ने नहीं कटवाया। समर्थकों की नाराजगी को कुछ देर का गुस्सा बताते हुए नरोत्तम ने कहा था कि मैं और सभी पार्टी के साथ हैं।
5. दो बार के विधायक रह चुके घनश्याम सिंह
दतिया सीट से पहले घनश्याम सिंह खुद दो बार के विधायक रह चुके थे। इसके अलावा कांग्रेस ने 2023 के विधानसभा चुनाव में भी दतिया सीट अपने पाला में समेटी थी। इस चुनाव में भी बीजेपी ने भले ही प्रचार के दौरान पूरी सरकार उतार दी हो लेकिन वह आशुतोष के पक्ष में वोट नहीं जुटा पाई।
दतिया उपचुनाव परिणाम
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार भाजपा को शिकस्त दी है। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने 66 हजार 757 वोटों के साथ जीत दर्ज की है। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6016 वोटों से हराया है। आशुतोष तिवारी को 60 हजार 741 वोट मिले हैं।
Created On :   3 Aug 2026 8:33 PM IST









