JNU में नारेबाज़ी: अनुचित नारे लगाने वाले स्टूडेंट के खिलाफ राजनेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। JNU कैंपस में पीएम मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाज़ी को लेकर सियासी बवाल मचा हुआ है। शिवसेना नेता शाइना एन.सी ने कहा, "छात्र यूनिवर्सिटी क्यों आते हैं? वे पढ़ने और सीखने आते हैं। यूनिवर्सिटी सीखने का मंदिर है, नफरत की लैब नहीं। हम JNU प्रशासन के साथ हैं, और जब FIR दर्ज होती है, तो पूरी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि दोषियों को सज़ा मिले। कांग्रेस का पाखंड देखिए, वे सिर्फ विरोध प्रदर्शन के अधिकारों की बात करते हैं, और जब बच्चे ऐसे नारे लगाते हैं, तो आप भारत विरोधी ताकतों के साथ खड़े होते हैं।
केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने JNU कैंपस में नारेबाज़ी पर कहा देश की अलग-अलग यूनिवर्सिटी में भारत विरोधी नारे लगाए जा रहे हैं। JNU उसमें प्रथम स्थान पर आता है, प्रधानमंत्री या गृह मंत्री का विरोध राजनीतिक तौर पर हो सकता है लेकिन भारत विरोधी मानसिकता वाले ये कौन लोग हैं? उन्हें हम जरूर शिक्षा देंगे, उनका पता भी लगाएंगे और आने वाले दिनों में उन्हें सबक सिखाने का काम भी करेंगे।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने JNU कैंपस में नारेबाज़ी पर कहा विरोध होता है, नारे लगते हैं लेकिन किसी की मौत की कामना करना विरोध का धर्म नहीं है। मैं इसे अनुचित मानता हूं, जिन लोगों ने इस तरह के नारे लगाए हैं मैं उसका समर्थन नहीं करता।
Created On :   7 Jan 2026 1:38 PM IST










