Ghulam Ahmad Mir: बंगाल में 58 लाख वोटर्स, राज्यों के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस नेता ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

बंगाल में 58 लाख वोटर्स, राज्यों के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस नेता ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। चुनाव आयोग ने रविवार (15 मार्च) को 5 राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। इसी बीच कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर का बयान सामने आया है। उन्होंने चुनाव आयोग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यहां किस तरह से चुनाव होता है यहां का लोकतंत्र पूरी दुनिया में मशहूर है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी होती है कि वह चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराए। इस बार बंगाल में 2 चरणों में चुनाव होना है।

सप्रीम कोर्ट हस्ताक्षेप करना पड़ा- मीर

कांग्रेस नेता मीर ने कहा, ''हमेशा यहां का चुनाव एक उत्सव की तरह मनाया जाता है, उसी कड़ी में 5 राज्यों में चुनाव होने हैं। कई दिनों से इसे लेकर चर्चा हो रही थी। असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी में एक फेज में चुनाव होंगे। पश्चिम बंगाल के लिए हमारी मांग थी कि यहां भी एक फेज में चुनाव हो। पश्चिम बंगाल में अभी 58 लाख वोटर्स सस्पेंस में है, होल्ड पर है। जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने वहां पर ज्यूडिशयरी के अधिकारी डेप्यूट किए हैं क्योंकि इलेक्शन कमिशन के स्टेट मशीनरी के लोगों ने निष्पक्ष तरीके से वो काम नहीं किया। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट को उसमें हस्तक्षेप करना पड़ा।''

उन्होंने कहा, ''हमारा ये मानना था कि चुनाव की घोषणा होने से पहले पश्चिम बंगाल में टोटल वोट कितने हैं, जो योग्य वोटर्स हैं, जो वोट डालने वाले हैं, वो अगर एक आंकड़ा आ जाता और जो वोट देने के लिए योग्य नहीं हैं, उनकी भी क्लियरिटी आ जाती कि वो किस बुनियाद पर अयोग्य हैं। अब चुनाव की घोषणा करने के समय तक भी 58 लाख वोटर्स के भविष्य पर प्रश्न या सवाल खड़े है। जहां चुनाव आयोग ने बाकी चार स्टेट का स्पष्ट आंकड़ा दिया कि 2 करोड़ या डेढ़ करोड़ वोटर्स वोट करेंगे, वहीं पश्चिम बंगाल को लेकर उन्होंने खुद ही कहा कि वहां पर अभी कुछ लाख वोट है जिनका अभी ज्यूडिशयरी ( न्यायपालिका) से क्लियर होना है।" तो ये एक सस्पेंस चुनाव में जरूर रहेगा।

कांग्रेस नेता ने कहा कि कुछ वोटर का लिस्ट अभी क्लियर नहीं हुआ है। उन्होंने कहा हमारा यह मतलब है कि बंगाल के विधानसभा चुनाव में एक भी वैध वोटर मतदान करने से छूट न जाए। उन्होंने कहा, ''हमारी जानकारी के मुताबिक इतना जल्दी उन्होंने शेड्यूल दिया है कि पहला फेज 23 अप्रैल को होगा तो उस लिहाज से इस हफ्ते के अंदर चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। हमारे बहुत सारे लोग तमाम पार्टी के टीएमसी, कांग्रेस के बहुत सारे संभावित उम्मीदवार हैं, जिनका अभी वोटर लिस्ट में नाम क्लियर नहीं हुआ है।''

गलाम अहमद मीर ने कहा चुनाव आयोग ने निष्पक्ष चुनाव कराने को लेकर जो भरोसा दिलाया है, वो सुनने में तो अच्छे लगे लेकिन क्या प्रैक्टकली या ग्राउंड लेवल पर भी ये सारे नियम कानून लागू होंगे? क्या मतदाताओं को सुविधाएं मिलेंगी? क्या हम इसे पोलिंग वाले दिन तक देख पाएंगे? ये एक बड़ा सवाल रहेगा।

Created On :   15 March 2026 11:20 PM IST

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