Maharashtra By Elections 2026: महाराष्ट्र की बारामती और राहुरी सीट के उपचुनाव की हुई घोषणा, जानें कब होगी वोटिंग

डिजिटल डेस्क, मुंबई। निर्वाचन आयोग ने रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश के 5 राज्य (असम, पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम) में विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान किया था। इस दौरान निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र की बारामती और राहुरी विधानसभा सीटों में उपचुनाव की तारीखों की घोषणा भी की है। दरअसल, यह दोनों ही सीटें विधायकों के निधन के बाद खाली हो गई थी। इसके बाद सियासी गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। बता दें, राहुरी सीट बीजेपी विधायक शिवाजी कर्डीले और बारामती सीट पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के चलते खाली हो गई है।
यह भी पढ़े -डीपीएस पूलम्पिक्स-4 में विदर्भ के विभिन्न विद्यालयों के युवा तैराकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, एलआईटी इनोवेट में छात्रों का सम्मान
बारामती और राहुरी सीट पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान
महाराष्ट्र की दोनों विधानसभा सीटों के लिए 30 मार्च 2026 को अधिसूचना जारी हो गई थी। वहीं, 6 अप्रैल नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख है और 7 अप्रैल नामांकन पत्रों की जांच की आखिरी तारीख है। 9 अप्रैल 2026 को उम्मीदवारों द्वारा नाम वापस लेने की अंतिम तारीख है। वोटिंग की तारीख 23 अप्रैल और 4 मई 2026 को मतगणना होगी।
वहीं, महाराष्ट्र की बारामती विधानसभा सीट हाईप्रोफाइल सीटों में से एक हैं। इस सीट पर लंबे समय से शरद परिवार का दबदबा रहा है। यहां से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित गुट) के मुखिया और अजित पवार कई बार के विधायक रह चुके हैं। साल 2019 के विधानसभा चुनाव में बारामती से अजित पवार ने बीजेपी के उम्मीदवार गोपीचंद पडलकर को बड़े मार्जिन से हराया था।
इस दौरान अजित पवार को 1,95,641 वोट मिले थे, जबकि गोपीचंद पडलकर को 30,376 वोट प्राप्त हुए थे। इस तरह अजित पवार ने 1,65,265 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की, जो उस चुनाव में राज्य की सबसे बड़ी जीतों में से एक थी। सामाजिक समीकरण की बात करें तो बारामती में मराठा समुदाय सबसे प्रभावशाली माना जाता है। इसके अलावा धनगर, अन्य ओबीसी, दलित और मुस्लिम मतदाता भी यहां अच्छी संख्या में हैं। सहकारी चीनी मिलों, कृषि संस्थानों और सहकारी बैंकों के नेटवर्क के कारण इस क्षेत्र में पवार परिवार का राजनीतिक प्रभाव लंबे समय से मजबूत माना जाता है।
यह भी पढ़े -'6 महीने तक एक बेकसूर इंसान को जेल...' सोनम वांगचुक की रिहाई पर AIMIM पार्टी के नेता वारिस पठान ने केंद्र सरकार को घेरा
महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज
वहीं अहिल्यानगर (पुराना नाम-अहमदनगर) जिले की राहुरी विधानसभा सीट मुख्य रूप से ग्रामीण और कृषि प्रधान क्षेत्र है। यहां की राजनीति पर भी मराठा समुदाय का प्रभाव देखा जाता है, हालांकि माली, धनगर जैसे ओबीसी समुदायों के साथ दलित और मुस्लिम वोट भी चुनावी परिणामों को प्रभावित करते हैं। साल 2019 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार प्राजक्त तनपुरे ने जीत दर्ज की थी। उन्हें 1,09,234 वोट मिले थे, जबकि भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार शिवाजी कर्डीले को 85,908 वोट प्राप्त हुए थे। इस चुनाव में तनपुरे ने कर्डीले को 23,212 वोटों के अंतर से हराया था।
इसके बाद 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवाजी कर्डीले ने इस सीट पर वापसी करते हुए जीत दर्ज की। उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार प्राजक्त तनपुरे को लगभग 14,000 से अधिक वोटों के अंतर से हराया। अक्टूबर 2025 में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। उनके निधन के कारण यह सीट भी रिक्त हो गई और अब यहां उपचुनाव की संभावना को लेकर राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
Created On :   15 March 2026 7:52 PM IST













