सरकार और प्रदर्शन: दिल्ली में भाजपा और आप का एक दूसरे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, विधानसभा भवन से लेकर एमसीडी भवन तक गूंजे नारे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में भाजपा और आप एक दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे है। बीजेपी विधायक विधानसभा में आप नेता आतिशी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे है, तो आप पार्षद दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर इस्तीफे की मांग कर रहे है।
MCD हाउस में बीजेपी पार्षदों ने दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के खिलाफ उनके उस बयान को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें कथित तौर पर गुरु तेग बहादुर जी का अपमान किया गया था। AAP पार्षदों ने कपिल मिश्रा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और उनके इस्तीफे की मांग की।
भाजपा नेता आदेश गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के गुरु तेग बहादुर जी का कथित तौर पर अपमान करने वाले बयान पर कहा दिल्ली विधानसभा के अंदर जिस तरह विपक्ष की नेता आतिशी ने गुरुओं को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां की, वह माफी के लायक नहीं है। जिस तरह की बातें AAP के नेता कर रहे हैं, सत्ता जाने की बौखलाहट उनकी बातों में दिखाई दे रही है जो बहुत ही गैर जिम्मेदाराना है। मैं इसकी निंदा करता हूं। उन्हें(आतिशी) सजा मिलनी चाहिए।वे यहां उपस्थित न रहकर, दिल्ली की समस्याओं पर बात न करते हुए गोवा चली जाती हैं। उनका यह गैर जिम्मेदाराना व्यवहार जनता देख रही है।
भाजपा विधायक हरीश खुराना ने कहा, "जिस प्रकार से पिछले 3 दिन से सदन को विपक्ष चलने नहीं दे रहा।जानबूझकर जैसे उन्होंने उपराज्यपाल के भाषण को बाधित करने की कोशिश की या हमारे गुरुओं का अपमान किया... इसके बाद आज बहुत महत्वपूर्ण चीजें सदन के पटल पर आने वाली हैं। प्रदूषण पर विपक्ष बार-बार चर्चा की मांग कर रहा था। हमने 7 तारीख को सदन में प्रदूषण पर चर्चा रखी लेकिन उस दिन भी सदन बाधित रहा। आज हम इस पर चर्चा करेंगे। दिल्ली के अंदर पानी की समस्या को लेकर भी जल मंत्री आज अपना वक्तव्य पेश करेंगे जो कि महत्वपूर्ण है। मैं उम्मीद करता हूं कि विपक्ष दिल्ली की जनता के लिए सदन की कार्यवाही को चलने देगा।
बीजेपी विधायक सतीश उपाध्याय ने कहा यह बहुत गंभीर विषय था। विपक्ष को जिम्मेदार तरीके से अपनी भूमिका का निर्वहन करना चाहिए था। यदि उन्होंने(आतिशी) गलती की थी तो उन्हें सदन के सामने आना चाहिए था। कई महत्वपूर्ण कार्य होने हैं इसलिए सदन बढ़ाया भी गया है। जिस तरह से गुरुओं का अपमान उन्होंने(आतिशी) किया अब सदन तय करेगा और निश्चित रूप से सजा उन्हें मिलनी ही चाहिए।
Created On :   9 Jan 2026 3:40 PM IST












