26 दिनों का आमरण अनशन सफल!: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा संविधान की जीत..., सोनम वांगचुक ने एक्स पर विक्ट्री साइन दिखाकर किया सेलिब्रेट

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा संविधान की जीत..., सोनम वांगचुक ने एक्स पर विक्ट्री साइन दिखाकर किया सेलिब्रेट
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्टर्स और छात्रों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्टर्स और छात्रों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। इस बीच 26 दिनों तक आमरण अनशन कर चुके सोनम वांगचुक की धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।

सोनम वांगचुक ने एक्स पर किया पोस्ट

सोशल मीडिया एक्स पर सोनम वांगचुक ने पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा, "यह लोकतंत्र की जीत है। सीधा लोकतंत्र, जो सड़कों से निकला है। यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है। CJP और देश की 'जेन ज़ेड' (Gen Z) को बधाई; और उन सभी नागरिकों का धन्यवाद जिन्होंने डर और डर के डर को त्यागकर देश के हर कोने से आवाज़ उठाई। जवाबदेही से अब सुधार की ओर।"

धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे के बाद एक्स पर किया पोस्ट

केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा सौंपने के बाद शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, "प्रिय छात्रों, मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूँ तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूँ। वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं।

शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा सौंपने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, "प्रिय छात्रों, मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूँ तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूँ। वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं।

धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा, "पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है। देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है।

जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।"

उन्होंने लिखा, "मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ। साथ ही, मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूँ, जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ । राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूँगा।"

धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा, "प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखूँगा।"

Created On :   25 July 2026 3:41 PM IST

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