US Iran Peace Talks: शांतिवार्ता कराने वाले पाक को शशि थरूर की नसीहत, आतंक के आकाओं को दिखाया आईना

शांतिवार्ता कराने वाले पाक को शशि थरूर की नसीहत, आतंक के आकाओं को दिखाया आईना
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान युद्ध शांतिवार्ता पर दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं। इसे लेकर कांग्रेस के दिग्गज सांसद शशि थरूर ने प्रतिक्रिया दी है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान युद्ध शांतिवार्ता पर दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं। इसे लेकर कांग्रेस के दिग्गज सांसद शशि थरूर ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दोनों देशों से शांति की उम्मीद जताई है। शशि थरूर ने कहा कि युद्ध की वजह से हमारे ऊपर असर पड़ा है। भारत की रसोई पर भी असर पड़ा है। हम चाहेंगे कि युद्ध खत्म हो जाए। नेचुरल गैस के प्रोडक्शन पर काफी असर पड़ा है। जो कुछ वहां से आता है, उससे हमारी फैक्ट्री पर भी असर पड़ रहा है। इस युद्ध का खत्म होना हमारे देश हित में है। जो भी शांति लेकर आए चाहे पाकिस्तान लेकर या कोई भी लेकर आए, हम बस शांति चाहते हैं।

शशि थरूर ने यूएस-ईरान शांतिवार्ता ने दी प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि कल सीडब्लूसी से जो रेजोल्यूशन आया है उसे मैंने देखा है क्योंकि मैं पहले निकल गया था। हमारी सरकार के नेता, PM, EAM, पेट्रोलियम मंत्री वहां के लोगों के साथ संपर्क में थे। शांति आए, शांति कौन लेकर आता है इससे फर्क नहीं पड़ता। अगर शांति फेल होती है तो हमें भविष्य में अपना रोल निभाना होगा। हमारे रीज़न में शांति रहे। हम पैसिव रहना अफोर्ड नहीं कर सकते हैं हमें एक्टिव रहना होगा। कभी-कभी ये रोल खामोशी का भी होता है। हम रीज़न में काफी कम कर रहे हैं। हमारे 3 मंत्री उस रीजन में गए हैं और हमारा रोल महत्वपूर्ण है।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि पाकिस्तान का वॉशिंगटन के साथ जैसा रिश्ता है, उसके मुताबिक ये पाकिस्तान ही कर सकता है। ईरान, पाकिस्तान का पड़ोसी है। 4 करोड़ शिया पाकिस्तान में हैं। उनका इन्वॉल्वमेंट अलग किस्म का है। अगर अमेरिका और हमले करता है तो वो रिफ्यूजी पाकिस्तान में ही आएंगे। इसलिए पाकिस्तान का स्टेक ही अलग है इस मुद्दे पर। हमारा कंपटीशन अलग है पाकिस्तान के साथ। उनके यथार्थ अलग हैं हमारे यथार्थ अलग हैं।

शशि थरूर ने पाकिस्तान पर साधा निशाना

उन्होंने आगे कहा कि एक विषय पर वह लोग शांतिदूत बन जाएंगे जो कि अभी तक हुआ नहीं है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्होंने जो भी बुरी चीज की है जिसका सबूत हमारे देश ने दुनिया के सामने पेश किया है, सिर्फ जो मुंबई में हुआ उसके बहुत सबूत हमने पूरे दुनिया के सामने रखे। क्या यह गायब हो जाएगा बिल्कुल नहीं। आने वाले कल में अगर आप शांति दूत बनना चाहते हैं तो आपको आतंकवादियों का जो इंफ्रास्ट्रक्चर है, टेररिस्ट कैंप है, उनके अकाउंट हैं फ्रिज करो। उन्हें गिरफ्तार करो यह सब करने के बाद हम सोचेंगे कि आप के मन में सचमुच कुछ बदलाव आया है।

थरूर ने कहा कि इतिहास तो बदलता रहता है। पाकिस्तान को करने दो, शांति आएगी तो अच्छा होगा लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पाकिस्तान की करतूत हम भूल जाएंगे। आज हमें इस बारे में ज्यादा बोलने की जरूरत नहीं है क्योंकि हम चाहते हैं कि शांति आ जाए। इस वक्त भारत को एक कंस्ट्रक्टिव रोल खेलना चाहिए। हमारे देश का इतिहास बहुत पुराना है हमारी सोच छोटी नहीं होनी चाहिए। छोटे मन के लोगों की तरह बात नहीं करनी चाहिए। शांति होने दीजिए। हमारे विषय हम भूलेंगे नहीं, शांति वार्ता चलने दीजिए।

Created On :   11 April 2026 4:30 PM IST

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