नारी वंदन शक्ति अधिनियम: मातृ शक्ति के लिए आज का दिन खास, 2029 के चुनाव में बड़े स्तर पर नारी शक्ति को प्रतिनिधित्व करने का मिलेगा अवसर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कहा आज का दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, हम महिला आरक्षण की मांग बहुत लंबे समय से कर रहे थे, हमारी ये मांग पूरी हो रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला शक्ति को आरक्षण देने का काम किया जा रहा है। इसके बाद स्थिति बहुत अच्छी हो जाएगी, विपक्ष को इससे(परिसीमन) कोई समस्या नहीं है, कांग्रेस के लिए केवल एक ही परिवार की महिलाएं अहमियत रखती हैं बाकी देश की महिलाएं मायने नहीं रखती और यही हाल अब INDIA गठबंधन का है।
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महाराष्ट्र में शिवसेना नेता शायना एनसी ने कहा आज इतिहास बनने जा रहा है। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अभिनंदन देना चाहते हैं क्योंकि एक पुरुष ने ठान लिया कि महिलाओं को सशक्त कर रहे हैं। हमारे नेता एक नाथ शिंदे ने हमेशा माना है कि लाडकी बहन को सशक्त करना चाहिए, सुरक्षित करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने ये करके दिखाया है। पहले 13-14% महिलाएं सदन में थी आज 33% हो जाएंगे। 816 में से 273 सीट पर महिला जीत कर आएगी।
मध्यप्रदेश में भाजपा सांसद संध्या राय ने नारी वंदन शक्ति अधिनियम पर कहा मैं प्रधानमंत्री को देश की मातृ शक्ति, सभी माताओं और बहनों की ओर से धन्यवाद करती हूं, देश की नारी शक्ति के लिए आज का यह पल ऐतिहासिक है, 2029 के चुनाव में हमारे देश की नारी शक्ति को प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। आज मैं भी प्रसन्न हूं और मैं अपने लोकसभा क्षेत्र की सभी मातृ शक्ति की ओर से बहुत-बहुत अभिनंदन करती हूं, 2023 में जब ये बिल पेश हुआ, तब यह संदेह था कि 2029 तक ये बिल लागू होगा की नहीं लेकिन आज यह बड़ा विषय है। जब हमारे प्रधानमंत्री संबोधन करेंगे तो कहीं न कहीं ये सारी बातें साफ हो जाएंगी।
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महिला आरक्षण बिल पर, पद्म श्री अवॉर्डी और मशहूर कुचिपुड़ी एक्सपर्ट ने कहा आज मैं बहुत खुश हूं, और एक भारतीय महिला होने पर बहुत गर्व है, और महिलाओं के लिए 33% आरक्षण एक सच्चाई बनने जा रहा है। पहले, कई लोगों ने महिला सशक्तिकरण और महिला समानता के बारे में बात की है, लेकिन आज, यह एक सच्चाई बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी को इस शानदार पहल के लिए धन्यवाद। हम सभी बिल के पास होने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं
उत्तरप्रदेश में सपा सांसद डिंपल यादव ने नारी वंदन शक्ति अधिनियम पर न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा सरकार की नीयत पर प्रश्नचिन्ह है क्योंकि जब यह बिल पास हुआ था तब कहा गया था कि पहले जनगणना करवाएंगे और फिर परिसीमन होगा और उसी के आधार पर महिलाओं के लिए क्षेत्र बना पाएंगे लेकिन पहले ही पायदान को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिस स्वरूप में इस बिल को लाना चाहिए था उस रूप में इसे नहीं लाया जा रहा है बल्कि मनमुताबिक तरीके से इसे लाया जा रहा है, हमारी मांग है कि हमारे पिछड़े वर्ग की महिलाओं को भी आरक्षण मिले। प्रस्तावित परिसीमन बिल पर उन्होंने कहा कहीं न कहीं जो छोटे प्रांत है, दक्षिण भारत के राज्य हैं उनका वर्चस्व घटेगा, इनकी जो भूमिका सरकार बनाने में या अपने राज्यों में फंड पहुंचाने में, कही न कही उसे भी क्षति पहुंचेगी।
भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कहा आज बहुत महत्वपूर्ण दिन है। आज भावनात्मक दिन है। सभी लोग बहुत भावुक हैं। आज तमाम महिलाओं को सम्मान देने का दिन है। इसमें तो उन्हें(विपक्ष) समर्थन करना चाहिए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में महिलाओं के लिए बहुत काम किए हैं और आज सबसे महत्वपूर्ण दिन है।
दिल्ली में भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने नारी वंदन शक्ति अधिनियम पर कहा आज का दिन भारत की मातृशक्ति के लिए बहुत ही ऐतिहासिक दिन है। विपक्ष के सभी साथियों को मैं आग्रह करती हूं, ये वजन पूर्ति का क्षण है। हम सभी ने, पूरे सदन ने देश की मातृशक्ति से वादा किया था कि इसे 2029 तक लागू करेंगे। आज विपक्ष जिस प्रकार की बहानेबाजी कर रहा है, वो सही नहीं है। मैं उनसे कहना चाहती हूं कि आप देश के मतदाताओं को भ्रमित न करें। परिसीमन भाजपा का प्रपंच नहीं है, बिल देखिए, इसमें किसी के अधिकारों का हनन नहीं हो रहा है।
भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने पर कहा 1971 की जनगणना के आधार पर 1976 में परिसीमन हुआ था। तब इसे 2026 के लिए टाल दिया गया। 2026 में परिसीमन होना ही है, ये भाजपा ने तय नहीं किया बल्कि यह लिखा हुआ है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में पास हुआ था जिसे 2029 में लागू करना था। तो सरकार ये दो बिल लेकर आ रही है और सभी को इसका समर्थन करना चाहिए।
भाजपा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कहा, नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ये केवल एक विधेयक नहीं है बल्कि ये सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है... पीएम मोदी का स्वागत है, देश की महिलाओं की ओर से उनका अभिनंदन है, 2010 में इसी सदन में जब कांग्रेस की सरकार थी तो उन्होंने महिला आरक्षण बिल को ठंडे बस्ते में रख दिया था... कांग्रेस ने नारी को हमेशा उपेक्षित किया। पीएम मोदी ने नारी का सम्मान किया है, उन्हें पंख दिए ताकि वे आसमान छूएं।
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Created On :   16 April 2026 5:23 PM IST












