Parliament Session 2026: 'हम नारी को उसका हक दे रहे हैं', सदन में गरजे पीएम मोदी, परिसीमन पर कहा, 'किसी राज्य से नहीं होगा भेदभाव'

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद का विशेष सत्र जारी है और इस वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में बोल रहे हैं। वह महिला आरक्षण (Womens Reservation Bill) को लागू करने और लोकसभा में सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने के लिए तीन विधेयकों पर अपना पक्ष रख रहे हैं। उन्होंन महिला आरक्षण विधेयक पर कहा कि हम नारी को उसका हक दे रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने परिसीमन पर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि परिसीमन को लेकर किसी भी राज्य के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा।
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#WATCH | Speaks in Lok Sabha on women's reservation and delimitation, Prime Minister Narendra Modi says, " Discussion on this important bill began this morning. Many members have raised various issues, and we will provide detailed and accurate information to the House on those… pic.twitter.com/ALODM7M7xO
— ANI (@ANI) April 16, 2026
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सदन में बोले पीएम
लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा आज सुबह शुरू हुई। कई सदस्यों ने विभिन्न मुद्दे उठाए हैं और हम उन मामलों पर सदन को विस्तृत और सटीक जानकारी देंगे। इसीलिए मैं उन बारीकियों में नहीं जाना चाहता। किसी देश के जीवन में कुछ महत्वपूर्ण क्षण आते हैं। ऐसे समय में, समाज की मानसिकता और नेतृत्व की क्षमता उस क्षण को अपने में समेट लेती है और उसे राष्ट्र के लिए एक पूंजी में बदल देती है, जिससे एक मजबूत विरासत का निर्माण होता है। भारत के संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में, ये ऐसे ही क्षण हैं।
क्या है लोकतंत्र की सुंदरता?
उन्होंने कहा कि जरूरत यह थी कि जब 25-30 साल पहले पहली बार इस विचार की परिकल्पना की गई थी और इसकी आवश्यकता महसूस हुई थी, तो हमें इसे तभी लागू कर देना चाहिए था; और आज हम इसे एक पुख्ता स्थिति तक ले आए हैं। आवश्यकता के अनुसार, इसमें समय-समय पर सुधार भी किए जाते हैं, और यही लोकतंत्र की सुंदरता है। हमारा देश 'लोकतंत्र की जननी' है। हमारा लोकतंत्र हजारों वर्षों से विकास की एक यात्रा रहा है, और इस सदन में हम सभी को इस विकास यात्रा में एक नया आयाम जोड़ने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ है।
'इस मौके को हाथ से नहीं जाने देंगे'
उन्होंने कहा कि मैंने शुरू में ही कहा था कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि हमें देश की आधी आबादी से जुड़ी इतनी महत्वपूर्ण, राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिला है। हम सांसदों को इस महत्वपूर्ण अवसर को हाथ से जाने नहीं देना चाहिए। हम भारतीय मिलकर देश को एक नई दिशा देने जा रहे हैं। हम अपनी शासन प्रणाली में संवेदनशीलता लाने के लिए एक सार्थक प्रयास करने जा रहे हैं। यह न केवल देश की राजनीति को आकार देगा, बल्कि यह देश की दिशा और दशा भी तय करेगा।
पीएम ने कहा कि 21वीं सदी में, भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। आज हम सभी दुनिया में भारत की स्वीकार्यता को महसूस करते हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है। मेरा मानना है कि 'विकसित भारत' का मतलब केवल रेलवे, सड़कें, बुनियादी ढांचा, या आर्थिक प्रगति के आंकड़े ही नहीं हैं। हम ऐसे लोग नहीं हैं जिनकी 'विकसित भारत' के प्रति इतनी सीमित सोच हो। हम एक ऐसा 'विकसित भारत' चाहते हैं, जहाँ नीति-निर्माण में 'सबका साथ, सबका विकास' का मंत्र सही मायने में साकार हो। समय की मांग है कि देश की 50% आबादी नीति-निर्माण का हिस्सा बने।
Created On :   16 April 2026 3:35 PM IST













