Women’s Reservation Bill: संसद में मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण पर अमित शाह-अखिलेश यादव में बहस, जाति जनगणना को लेकर उठाए सवाल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में गुरुवार को महिला आरक्षण कानून और जनगणना के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष में तीखी नोंकझोंक देखने को मिल रही है। सदन में बहस के दौरान सपा चीफ अखिलेश यादव और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक दूसरे से भिड़ गए। दोनों नेताओं ने एक दूसरे को कई सवालों को लेकर जमकर घेरा।
यह भी पढ़े -नारी शक्ति वंदन अधिनियम को एनडीए सांसदों ने बताया ऐतिहासिक, कहा-महिलाओं की बढ़ेगी भागीदारी
सदन में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव
सदन में जनगणना के मुद्दे पर बहस की शुरुआत हुई। इस दौरान अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि आखिर जनगणना कराने में क्यों देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जानबूझकर जनगणना नहीं करना चाहती है। क्योंकि जैसे ही जनगणना होगी और जाति की गिनती सामने आएगी, वैसे ही पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण की मांग और तेजी से उठने लगेगी। अखिलेश यादव का कहना था कि इस सच्चाई से सरकार दूर भागना चाहती है। इसलिए जल्दबाजी में दूसरे फैसले लेकर लोगों को भ्रमित कर रही है।
इस दौरान अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री को पिछड़े वर्ग के लोगों से वोट चाहिए थे। तब उन्होंने अपने आप को पिछड़ी जाति का बताया था। लेकिन, अब जब बात वास्तिवक गिनती और अधिकार की आती है तो सरकार पीछे हट जाती है। इसके जवाब में अमित शाह ने अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के कुछ बयान लोगों को भ्रमित और चिंतित कर रहे हैं। शाह ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि जाति जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सरकार ने जाति के आधार पर जनगणना कराने का फैसला ले लिया है। उन्होंने कहा कि अभी जो काम चल रहा है, उसमें घरों की गिनती हो रही है और घरों की कोई जाति नहीं होती। शाह ने तंज कसते हुए कहा कि यदि समाजवादी पार्टी का बस चले तो वह घरों में जाति तय कर दें। उन्होंने इस पर जवाब देते हुए कहा कि अगर समाजवादी पार्टी चाहती है, तो वह अपने स्तर पर सभी टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे सकती है, इसमें उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। शाह के इस बयान के बाद सदन विपक्ष के हंगामे से गूंज उठा।
यह भी पढ़े -बिहार में सम्राट चौधरी के सीएम बनते ही रालोमो के विधायक माधव आनन्द ने कहा-प्रदेश में शराबबंदी जरूरी नहीं
मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण पर शाह का जवाब
सदन में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव का भी जिक्र हुआ। अमित शाह ने उनके बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने की बात कही है, जो संविधान के खिलाफ है। शाह ने स्पष्ट कहा कि भारत के संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं है। इस पर अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि क्या मुस्लिम महिलाएं देश की आधी आबादी का हिस्सा नहीं हैं। उनका कहना था कि अगर महिलाओं के लिए आरक्षण की बात हो रही है तो उसमें सभी वर्गों की महिलाओं को शामिल किया जाना चाहिए।
Created On :   16 April 2026 5:29 PM IST












