पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले राहत की खबर: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, ट्रिब्यूनल से क्लीन चिट हासिल करने वाले वोटर्स को मिलेगा वोटिंग का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, ट्रिब्यूनल से क्लीन चिट हासिल करने वाले वोटर्स को मिलेगा वोटिंग का अधिकार
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल एसआईआर को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने बंगाल में आगामी चुनाव से पहले नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 का उपयोग किया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल एसआईआर को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। जो उन मतदाताओं के लिए राहत बनकर आया है जिनके नाम एसआईआर में कट गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ये साफ कर दिया है कि जिन मतदाताओं को अपीलेट ट्रिब्यूनल से क्लीन चिट मिल गई है या मिल जाएगी वो मतदान कर सकेंगे। मतदान के अधिकारी की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 का उपयोग किया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अपील और आपत्तियों को निपटाने के लिए समय सीमा भी निश्चित कर दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर पर सुनाया बड़ा फैसला

आपको बता दें कि एसआईआर में नाम कटने वाले मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित करने के लिए 19 स्पेशल अपीलेट ट्रिब्यूनल बने हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिन्हें इन ट्रिब्यूनल से क्लीनचिट मिल जाएगी वो मतदान कर सकेंगे। 21 अप्रैल तक जिन्हें क्लीन चिट मिलेगी वो मतदाता 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान में हिस्सा ले सकेंगे। इसी तरह दूसरे चरण के मतदाताओं का फैसला 27 अप्रैल तक करने के निर्देश दिए हैं। ताकि वो 29 अप्रैल को होने वाले मतदान में शामिल हो सकें।

सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को ऐसे लोगों के लिए सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अपीलेट ट्रिब्यूनल 21 अप्रैल तक लोगों की अपील पर फैसला कर सकेंगे। इसके लिए उनके नाम की एक सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी की गई है। इस वोटर लिस्ट में जिनका भी नाम शामिल होगा। वह 23 अप्रैल के पहले चरण के मतदान के लिए पात्र होंगे। वहीं, ठीक वैसे ही 27 अप्रैल तक होने वाले नामों की भी सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी रहेगी। जो 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के लिए पात्र होंगे।

सुप्रीम कोर्ट के फैसला का ममता बनर्जी ने किया स्वागत

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर किसी को ट्रिब्यूनल से क्लीन चीट मिलती है, तो संबंधित मतदाता को योग्य मानते हुए पश्चिम बंगाल में यह आदेश प्रभावी होगा। कोर्ट ने कहा कि मतदाता केवल संवैधानिक ही नहीं बल्कि भावनात्मक अधिकार भी है। इस फैसले से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसला का मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वागत किया। उन्होंने कहा, ' मैं सबको धैर्य रखने के लिए कह रही थी। आज नहीं तो कल सबका नाम आखिरकार आ ही जाएगा। आज सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी कर दिया है। अपील फाइल करने वालों के आवेदन पर ट्रिब्यूनल 21 तारीख तक फैसला लेगा और सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान से पहले ​पब्लिश की जाएगी। 29 तारीख को दूसरे चरण के मतदान के लिए भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी। मैं सभी संबंधित पक्षों से आग्रह करता हूं कि वे सुनिश्चित करें कि मतदाता सूची उसी रात तक भेज दी जाए। मैं खुश हूं। मुझे न्यायपालिका पर गर्व है। मैंने यह मुकदमा दायर किया था; फैसला मेरी याचिका पर आधारित है। आज मुझसे ज्यादा खुश कोई नहीं है।'

Created On :   16 April 2026 6:24 PM IST

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