महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाला था बड़ा बदलाव!: अगर नहीं होता अजित पवार का निधन तो चाचा-भतीजा हो जाते एक, इस दिन NCP करने वाली थी बड़ी घोषणा

अगर नहीं होता अजित पवार का निधन तो चाचा-भतीजा हो जाते एक, इस दिन NCP करने वाली थी बड़ी घोषणा
सूत्रों के मुताबिक, 8 फरवरी को महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव था। एनसीपी के दोनों गुटों के एक होने की चर्चाएं थीं, लेकिन अजित पवार का निधन हो गया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। '8 फरवरी' एक ऐसी तारीख हो सकती थी जो महाराष्ट्र की राजनीति को बदल कर रख देती। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुट यानि अजित पवार एक होने वाले थे। इसे और आसान भाषा में समझें तो भतीजे अजित पवार और चाचा शरद पवार एक साथ आने का ऐलान करने वाले थे। हालांकि, इससे पहले ही राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया।

निधन से पहले हुई थी चाचा-भतीजे में बात?

सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार के निधन से पहले उनकी शरद पवार से इस बारे में बातचीत हुई थी। दोनों 8 फरवरी को बड़ी घोषणा करने वाले थे। इसका मतलब यह कि शरद पवार की एनसीपी-एसपी सरकार में मिलने की तैयारी में थी। सूत्रों का कहना है कि, प्रक्रिया बहुत तेजी से हो रही थी। कैबिनेट में बदलाव और नए लोगों को शामिल करने पर भी चर्चा चल रही थी। लेकिन कुछ भी औपचारिक नहीं था। अगर अजित पवार का निधन नहीं हुआ होता तो जिला परिषद चुनाव के बाद हो सकता है दोनों पार्टियां दोबारा एक होने वाली होतीं।

प्लेन क्रैश में डिप्टी सीएम का निधन

आपको बता दें कि, बुधवार की सुबह करीब 8:45 पर अजित पवार का निजी विमान लैंडिंग के दौरान महाराष्ट्र के बारामती में क्रैश हो गया था। दुर्घटना में अजीत पवार, 2 और लोगों (1 PSO और 1 अटेंडेंट) और 2 क्रू (PIC+FO) सदस्यों के अपनी जान गंवा दी।

कल सुबह 11 बजे से बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान मैदान में अजित पवार का अंतिम संस्कार हुआ था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, NCP-SP चीफ और अजित पवार के चाचा शरद पवार सहित कई नेता, दिवंगत डिप्टी सीएम को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे।

Created On :   30 Jan 2026 9:51 AM IST

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