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दिल्ली में कोरोना से 62 और मौतें, एक हजार नए मामले

June 08th, 2020 22:00 IST
 दिल्ली में कोरोना से 62 और मौतें, एक हजार नए मामले

हाईलाइट

  • दिल्ली में कोरोना से 62 और मौतें, एक हजार नए मामले

नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार ने कोरोना से मरने वाले 62 और रोगियों की संख्या जारी की है। सोमवार को 62 लोगों की मृत्यु का आंकड़ा जारी होने के बाद दिल्ली में कोरोना वायरस से मरने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 874 हो गई है। इसके साथ ही बीते 24 घंटे के दौरान दिल्ली में कोरोना के 1007 नए मामले आए हैं।

दिल्ली में कोरोना पॉजिटिव लोगों की कुल संख्या 29,943 हो गई। इनमें से 11,357 कोरोना रोगी अभी तक स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं 17,712 एक्टिव कोरोना रोगी अभी भी दिल्ली में अपना उपचार करा रहे हैं।

दिल्ली सरकार ने कोरोना पर अपना आधिकारिक बुलेटिन जारी करते हुए कहा, 6 जून को दिल्ली में कोरोना से 17 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है । जारी किया गया 62 लोगों की मृत्यु का आंकड़ा 30 मई से 6 जून तक का है।

दिल्ली में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण यहां कोरोना हॉटस्पॉट्स की संख्या भी बढ़ती जा रही है। दिल्ली में हॉटस्पॉट्स की संख्या बढ़कर 183 हो चुकी है। रविवार तक दिल्ली में हॉटस्पॉट्स की संख्या 169 थी।

दिल्ली सरकार के मुताबिक 13,405 कोरोना रोगियों को उनके घरों में ही आइसोलेशन में रहने को कहा गया है। इन सभी व्यक्तियों का उपचार दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य टीम फोन के माध्यम से कर रही है।

दिल्ली में अब कोरोना वायरस का कम्युनिटी संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ने लगा है। मंगलवार को इस विषय पर एक अहम बैठक बैठक होनी है। इस बैठक को लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। कोरोना की स्थिति पर चर्चा करने के लिए एसडीएमए (स्टेट डिजॉस्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी) की बैठक होनी है। बैठक में सबसे महत्वपूर्ण चर्चा इस पर मुद्दे पर होनी है कि अभी दिल्ली में कोरोना का स्टेटस क्या है। क्या कोरोना सामुदायिक फैलाव के स्तर पर पहुंच गया है। इस बात पर चर्चा होगी कि अगर दिल्ली में कोरोना सामुदायिक फैलाव के स्तर पर पहुंच गया है, तो उससे लड़ने की रणनीति फिर क्या होगी। इसके लिए कल सभी डेटा के साथ कुछ विशेषज्ञ बुलाए गए हैं। उन विशेषज्ञों के साथ चर्चा होनी है।

दिल्ली में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं और होने जा रही एसडीएमए की बैठक में यदि तय होता है कि यह सामुदायिक फैलाव के स्तर पर पहुंच गया है, तो दिल्ली सरकार की पूरी रणनीति बदल जाएगी।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।