पंजाब सियासत में मची हलचल: कैप्टन को अपने गढ़ में लगा बड़ा झटका, पटियाला मेयर चुनाव में उनके समर्थक की हुई हार

November 26th, 2021

हाईलाइट

  • कैप्टन अमरिंदर अपने ही गढ़ में हारे
  • मेयर संजीव शर्मा के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव
  • पटियाला के नए मेयर योगिंदर सिंह होंगे

डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपने गढ़ पटियाला में ही बड़ा झटका लगा है। बता दें कि अमरिंदर सिंह के गढ़ यानी पटियाला में उनके करीबी मेयर संजीव शर्मा बिट्टू अविश्वास प्रस्ताव में हार गए। अमरिंदर सिंह ने संजीव शर्मा बिट्टू को जिताने के लिए पूरा जोर लगाया था। यहां तक कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान अमरिंदर सिंह ने बिट्टू के समर्थन में वोट डाला था।

पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव की मांग की थी

गौरतलब है कि पटियाला नगर निगम में 40 पार्षदों ने संजीव शर्मा बिट्टू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की थी। मेयर संजीव शर्मा ने इसे स्वीकार कर लिया था। लेकिन संजीव शर्मा को इसमें हार का सामना करना पड़ा। इस दौरान संजीव शर्मा को 60 में से सिर्फ 25 वोट मिले। बता दें कि ये हार संजीव शर्मा की हार के साथ कैप्टन की सियासत पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

योगिंदर सिंह बनेंगे नए मेयर

आपको बता दें कि संजीव शर्मा के खिलाफ 36 वोट पड़े थे। जिसके बाद से उन्हें अपने पद से हटना पड़ेगा और अब डिप्टी मेयर योगिंदर सिंह योगी नए मेयर होंगे। बता दें कि शर्मा को जो 25 वोट मिले, उनमें 22 पार्षदों के साथ-साथ तीन वोट जिनमें स्थानीय विधायक के तौर पर अमरिंदर सिंह, हरिंदर पाल सिंह और अकाली दल के पार्षद हरिंदर कोहली शामिल हैं। बता दें कि वोटिंग के दौरान कैप्टन भी निगम में मौजूद थे।

पंजाब सियासत में मचा हड़कंप

आपको बता दें कि पटियाला मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के बाद पंजाब में सियासी घमासान तेज हो गया है। बता दें कि अमरिंदर सिंह ने अपने करीबी संजीव शर्मा को पद से हटाने को अवैध करार दिया, और जमकर हमला बोला है।  बता दें कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान पटियाला नगर निगम में जमकर हंगामा भी हुआ। कैप्टन ने  कहा कि सभी को पता है कि पटियाला नगर निगम में मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इसमें विपक्ष को दो-तिहाई बहुमत चाहिए था। मेयर के पक्ष में 25 और विपक्ष में विपक्ष में 36 वोट पड़े हैं। कैप्टन ने कहा कि अब अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनका अविश्वास प्रस्ताव फेल हो गया। अब पंजाब की राजनीतिक गलियारों में फिर से हलचल मच गया है।


 

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