झारखंड : बिजली कटौती के मुद्दे पर डीवीसी और सरकार के बीच फिर टकराव, मंत्री ने कोयला-पानी रोकने की दी चेतावनी

January 21st, 2022

हाईलाइट

  • 6 नवंबर से सात जिलों में बिजली आपूर्ति में प्रतिदिन 50 फीसदी तक की कटौती

डिजिटल डेस्क, रांची। झारखंड के सात जिलों में बीते नवंबर से की जा रही बिजली कटौती के मुद्दे पर केंद्र सरकार के उपक्रम दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) और झारखंड सरकार के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति बन गयी है। झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा है कि डीवीसी ने अगर कटौती वापस नहीं ली, तो झारखंड में डीवीसी के प्लांटों को कोयला और पानी की आपूर्ति रोक दी जायेगी।

बता दें कि डीवीसी ने झारखंड बिजली वितरण निगम पर 2160 करोड़ के बकाया को लेकर पहले ही सार्वजनिक नोटिस जारी किया था और इसके बाद बीते 6 नवंबर से सात जिलों में बिजली आपूर्ति में प्रतिदिन 50 फीसदी तक की कटौती की जा रही है। इन जिलों में धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, रामगढ़, कोडरमा, चतरा और हजारीबाग शामिल हैं। करीब ढाई महीने से लगातार जारी बिजली कटौती से लगभग एक करोड़ की आबादी प्रभावित है, लेकिन डीवीसी और झारखंड बिजली वितरण निगम के बीच का विवाद और गतिरोध करने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इन जिलों के उद्यमियों और व्यवसायियों के विभिन्न संगठनों ने बिजली कटौती की वजह से पैदा हुई परेशानियों को लेकर सरकार और डीवीसी से कई बार गुहार लगायी है।

डीवीसी सामान्य दिनों में झारखंड में अपने कमांड एरिया के तहत आनेवाले सात जिलों में औसतन 600 मेगावाट बिजली की आपूर्ति करता है, लेकिन पिछले ढाई महीनों से मात्र 300 मेगावाट बिजली दी जा रही है। इस वजह से इन जिलों में प्रतिदिन छह से नौ घंटे तक बिजली कट लग रही है। मांग की तुलना में आधी बिजली आपूर्ति से एक तरफ जहां उद्यमियों, व्यवसायियों और सामान्य उपभोक्ताओं को भारी परेशानी हो रही है, वहीं दूसरी तरफ डीवीसी को भी आर्थिक चपत लग रही है। डीवीसी के कोडरमा और बोकारो स्थित पावर प्लांट पहले से नुकसान में चल रहे हैं। अब आमदनी घटने से उसकी माली हालत और खराब हो सकती है।

इस बीच, राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने डीवीसी की ओर से जारी बिजली कटौती के मुद्दे पर राज्य के ऊर्जा सचिव के साथ बैठक की। उन्होंने ऊर्जा सचिव को निर्देश दिया कि डीवीसी के चेयरमैन को तलब कर इस समस्या का निपटारा करें। शिक्षा मंत्री ने कहा कि अगर डीवीसी ने हठधर्मिता नहीं छोड़ी तो उसके प्लांटों को पानी और कोयले की आपूर्ति बंद कर दी जायेगी। राज्य में डीवीसी की हर गतिविधि का बहिष्कार किया जायेगा। बहरहाल, इस मसले का हल न निकलने पर आने वाले दिनों में राज्य सरकार और डीवीसी के बीच टकराव और तेज होने की आशंका जतायी जा रही है।

 

(आईएएनएस)