comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

राफेल पर राजनीति: दिग्विजय का PM पर वार, बोले- चौकीदार जी, अब तो विमानों की कीमत बता दीजिए

राफेल पर राजनीति: दिग्विजय का PM पर वार, बोले- चौकीदार जी, अब तो विमानों की कीमत बता दीजिए

डिजिटल डेस्क, भोपाल। राफेल लड़ाकू विमान आज (29 जुलाई) से इंडियन एयरफोर्स का हिस्सा बन जाएंगे। सोमवार को फ्रांस से रवाना हुए पांच राफेल विमानों की पहली खेप बुधवार को हरियाणा के अंबाला एयरबेस पर थोड़ी ही देर में पहुंचने वाली है। भारत ने फ्रांस से कुल 36 विमानों की डील की थी, जिनमें से फिलहाल पांच की डिलीवरी की गई है। इन विमानों की डील को लेकर कांग्रेस पहले से ही मोदी सरकार पर हमलावर रही है। अब राफेल विमानों के आगमन के दिन मध्य प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कई ट्वीट किए हैं। सिंह ने फ्रांस से हुई इस डील पर सवाल उठाते हुए राफेल विमान की कीमत पूछी है। दिग्विजय सिंह ने लिखा, आखिर राफेल प्लेन आ गया। 126 राफेल खरीदने का फैसला 2012 में UPA ने किया था, जिसमें से 18 राफेल छोड़कर अन्य सभी को HAL द्वारा भारत में बनाया जाना था। ये भारत के आत्मनिर्भर होने का प्रमाण था, एक राफेल की कीमत 746 करोड़ रुपये तय की गई थी।

सिंह ने कहा, ''मोदी सरकार के आने के बाद फ्रांस के साथ मोदीजी ने बिना रक्षा व वित्त मंत्रालय व कैबिनेट कमेटी की मंज़ूरी के नया समझौता कर लिया और HAL का हक मार कर निजी कंपनी को देने का समझौता कर लिया. राष्ट्रीय सुरक्षा को अनदेखी कर 126 राफ़ेल खरीदने के बजाय केवल 36 खरीदने का निर्णय ले लिया।''

एक अन्य ट्वीट में सिंह ने लिखा, एक राफेल की कीमत कांग्रेस सरकार ने 746 करोड़ रुपए तय की थी लेकिन 'चौकीदार' महोदय कई बार संसद में और संसद के बाहर भी मांग करने के बावजूद आज तक एक राफेल कितने में खरीदा है, बताने से बच रहे हैं। क्यों? क्योंकि चौकीदार जी की चोरी उजागर हो जायेगी! “चौकीदार” जी अब तो उसकी कीमत बता दें!

दिग्विजय सिंह ने तमाम सवालों के बाद कहा, यदि हम इन प्रश्नों का उत्तर मांगते हैं तो मोदी जी की ट्रोल आर्मी और उनके कठपुतली मीडिया एंकर हमें राष्ट्रद्रोही बताते हैं। क्या प्रजातंत्रीय व्यवस्था में विपक्ष को प्रश्न पूछने का अधिकार नहीं है?

कमेंट करें
oFgi6
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।