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राजस्थान : गहलोत का दिल्ली दौरा तय करेगा राजस्थान में सियासी बदलाव, क्या सियासी बढ़त बनाने में कामयाब होंगे सचिन !

October 14th, 2021

हाईलाइट

  • राजस्थान में सियासी बदलाव के चर्चे

डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जल्द ही दिल्ली दौरा हो सकता है। सीएम गहलोत 16 अक्टूबर को होने जा रही कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली जाएंगे। अशोक गहलोत के दिल्ली दौरे ने राजस्थान में  गहलोत कैबिनेट में फेरबदल के नए संकेत दे दिए है। जानकारी के मुताबिक गहलोत कांग्रेस की वर्किंग कमेटी के सदस्य नहीं है। लेकिन कांग्रेस ने कोर कमेटी की बैठक में अपनी पार्टी के राज्य के मुख्यमंत्रियों को भी बुलाया है। राज्यों में बदलते सियासी चेहरे के दौर में गहलोत का दिल्ली दौरा उसी ओर इशारा कर रहा है। अभी हाल ही में पंजाब की गद्दी की उठापटक एक के बाद एक दिल्ली दौरों का परिणाम है। करीब एक साल पहले सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों के मंत्री पद से इस्तीफे देने के बाद पायलट की खाली पड़ी सत्ता सियासी और राजनीतिक जमीन फिर से तलाशने की जुगाड़ में है। वर्तमान राजनीतिक सिनेरियो, आगामी विधानसभा चुनाव और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा के लिए 16 अक्टूबर को कांग्रेस ने सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाई है।

गहलोत की दिल्ली यात्रा सियासी बदलाव की ओर!
इस बार मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे से कयास लगाए जा रहे है कि गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर, उनसे सरकार में फेरबदल पर चर्चा कर उनकी मंजूरी लेंगे।  हालांकि, कुछ कांग्रेस नेताओं का यह भी मानना है कि सरकार में फेरबदल दिवाली के आसपास हो सकता है। अब देखना यह होगा कि पंजाब में सियासी बदलाव के बाद राजस्थान में किस प्रकार के राजनीति बदलाव देखने को मिल सकते है। लेकिन अब सीएम अशोक गहलोत की सीडब्ल्यूसी की बैठक में शामिल होने की संभावना के साथ ही एक बार फिर से सियासी फेरबदल की चर्चा है। आठ महीने बाद अशोक गहलोत का यह दूसरा दिल्ली दौरा होगा। इससे पहले सीएम गहलोत फरवरी मे दिल्ली गए थे। 

सचिन की हाईकमान से मुलाकात , परिवर्तन के संकेत

जुलाई माह में एक ही सप्ताह में सचिन पायलट की राहुल और प्रियंका गाँधी से दो बार मुलाकात ने बदलाव के संकेत दिए थे, लेकिन राजस्थान में होने वाले उपचुनाव के चलते इन बदलावों का उस वक्त टाल दिया था। राहुल गाँधी की सियासत में युवा विचारधारा को शामिल करने की सोच से यदि राजस्थान में मुख्यमंत्री चेहरा बदला जाता है तो निश्चित तौर पर इसका फायदा सचिन पायलट और उसके खेमे को मिल सकता है। कुछ  समय पहले पंजाब में सीएम बदलने के बाद राज्स्थान में भी सीएम बदलने की हवा चली थी। इससे पहले कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव अजय माकन और सचिन पायलट की पार्टी नेतृत्व के साथ हुई बैठकों से सचिन खेमे के नेताओं को भी बहुत उम्मीद थी कि कैबिनेट में जल्द ही फेरबदल हो सकता है। हालफिलहाल  राजस्थान उपचुनाव में सचिन गहलोत की जोड़ी को एक साथ देखा, जिससे ये उम्मीद लगाई जा रही कि अब दोनों के बीच सब कुछ ठीक ठाक चल रहा है। लेकिन सियासत में हर कोई अपना रूतबा बनाए रखना चाहता है। 
अभी हाल ही में एक सप्ताह पहले 7 अक्टूबर को राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा को गुजरात का प्रभारी नियुक्त किए जाने के बाद भी यह उम्मीद जागी थी कि कैबिनेट में फेरबदल हो सकते है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।