यूपी विधानसभा चुनाव 2022: भाजपा छोड़ने वाले नेताओं से विधानभा चुनाव में विपक्ष को मिल सकता है सहारा

January 11th, 2022

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछड़े वर्ग के कद्दावर नेता और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने पार्टी को विधानासभा चुनाव से पहले छोड़ दिया है। अभी यह नहीं पता चल सका है कि वह किस राजनीतिक दल का दामन थामेंगे। उनके इस्तीफे से विपक्षी खेमे में खुशी का माहौल है, खासकर उत्तर प्रदेश, गोवा और उत्तराखंड में, जहां भाजपा के कई विधायकों ने विपक्ष में शामिल होने के लिए इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने मुंबई में इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि वह गोवा में एक संयुक्त विपक्ष के गठन की दिशा में काम कर रहे हैं, तथा उत्तर प्रदेश में और अधिक विधायक समाजवादी पार्टी में शामिल होंगे।

उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश के लोग बदलाव चाह रहे हैं और वे राज्य में बदलाव सुनिश्चित करेंगे। इन घटनाक्रमों के बाद से, विपक्ष को काफी सहारा मिला है क्योंकि उत्तराखंड और गोवा में प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस है। उत्तराखंड में विपक्षी पार्टी के कुछ विधायक पहले ही कांग्रेस में शामिल हो चुके है, और कुछ अन्य पार्टी में शामिल होने वाले हैं। हालांकि कांग्रेस ने इनके नामों का खुलासा नहीं किया है। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के शुरूआती चुनाव प्रचार अभियान में बढ़त से समाजवादी पार्टी काफी असहजता महसूस कर रही थी, लेकिन अब उसे भी स्वामी प्रसाद मौर्य के रूप में कुछ सहारा मिला है क्योंकि पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में उनका पिछड़े वर्गों में काफी प्रभाव माना जाता है।

उत्तर प्रदेश में मौर्य के बाद, भाजपा विधायक रोशन लाल वर्मा और बांदा के तिंदवारी से बृजेश प्रजापति ने कहा है कि उन्होंने भी भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। वर्मा, प्रजापति और कई अन्य ओबीसी विधायकों ने स्वामी प्रसाद मौर्य से मुलाकात कर राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की है । इस बीच बिलहौर से भगवती शरण सागर और अन्य विधायकों ने कहा है कि राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार किसानों, पिछड़े वर्गों और समाज के अन्य कमजोर तबकों के हितों की रक्षा नहीं कर रही है। इन विधायकों का कहना है , स्वामी प्रसाद मौर्य जहां भी जाएंगे हम वहां जाएंगे। हम बसपा से भाजपा में उनके साथ आए थे और हमारी भविष्य की यात्रा उनके साथ जारी रहेगी।

माना जा रहा है कि एक अन्य मंत्री धर्म सिंह सैनी भी इस्तीफा देने को तैयार हैं, लेकिन अभी तक इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। उत्तर प्रदेश के घटनाक्रम से कुछ दिन पहले गोवा में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री माइकल लोबो ने मंत्री पद से और एक अन्य विधायक प्रवीण जांटे ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। जांटे ने पार्टी से इस्तीफा देने के बाद संवाददाताओं से कहा, पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के वादे और आश्वासन पर मैं जिस पार्टी में शामिल हुआ था, वह आज पहले जैसी पार्टी नहीं है।  उन्होंने कहा कि वह जल्द महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी में शामिल होंगे। इससे पहले सोमवार को लोबो ने पार्टी नेताओं पर जमीनी स्तर के कार्यकतार्ओं को दरकिनार करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि वह मंत्री और भाजपा से इस्तीफा दे रहे हैं। उत्तराखंड में यशपाल आर्य और उनके विधायक पुत्र भी भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

(आईएएनएस)

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