दैनिक भास्कर हिंदी: कांग्रेस नेता अजीत शर्मा बोले- रूस और अमेरिका के राष्ट्रपति की तरह PM मोदी भी पहली वैक्सीन लगवाकर दूर करें शंका

January 3rd, 2021

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में कोरोना की दो वैक्सीन को इमरजेंसी यूज के लिए मंजूरी मिलने के बाद सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा ने मांग की है कि जिस तरीके से वैक्सीन को लेकर जनता का भरोसा जीतने के लिए रूस और अमेरिका के राष्ट्रपति ने पहला टीका खुद लिया था, वैसे ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी कोरोना का पहला टीका लेना चाहिए ताकि जनता के बीच इसको लेकर विश्वास बढ़े।

अजीत शर्मा ने कहा, नए साल में दो वैक्सीन आई हैं, यह खुशी की बात है, लेकिन इसको लेकर लोगों के बीच संशय भी है। इस संशय को दूर करने के लिए जिस तरीके से रूस और अमेरिका के राष्ट्राध्यक्ष ने पहला टीका लेकर लोगों को विश्वास में लिया है, मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के सबसे वरिष्ठ नेता को पहला टीका लेकर लोगों का विश्वास जीतना चाहिए। वहीं अजीत शर्मा ने ये भी कहा कि वैक्सीन आने के बाद बीजेपी हर तरफ थाली पिटवा रही है और खुशी मना रही है, लेकिन कांग्रेस को भी श्रेय मिलना चाहिए।कांग्रेस के ही कार्यकाल में ये सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक स्थापित हुई थीं जिन्होंने वैक्सीन तैयारी की है।

इससे पहले कांग्रेस के सीनियर नेता शशि थरूर ने भी सवाल उठाते हुए कहा था कि कोवैक्सीन ने अभी तक अपना तीसरा ट्रायल भी पूरा नहीं किया है। जल्दबाजी में वैक्सीन पर मुहर लग गई और ये खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा था कि जब तक ट्रायल पूरा नहीं हो जाता इसके इस्तेमाल से बचा जाना चाहिए। थरूर के अलावा कांग्रेस के एक और वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने भी भारत बायोटेक के वैक्सीन को मंजूरी दिए जाने पर चिंता जताई थी। उन्होंने सरकार को यह बताने को कहा था कि अनिवार्य प्रोटोकॉल और डेटा के सत्यापन का पालन क्यों नहीं किया गया।

कांग्रेस नेताओं के इन सवालों पर निशाना साधते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल किसी भी भारतीय चीज पर गर्व नहीं करते। नड्डा ने ट्वीट करते हुए कहा कि उन्हें इस बात पर आत्ममंथन करना चाहिए कि भ्रम फैलाने वाले कोविड-19 के वैक्सीन पर उनके झूठ का इस्तेमाल अपना एजेंडा चलाने के लिए करेंगे। भारत के लोग ऐसी राजनीति को खारिज करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।

वहीं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसे कांग्रेस का दीवालियापन बताया। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, कांग्रेस का दीवालियापन। पहले वे भारत द्वारा बालाकोट एयर स्ट्राइक का सबूत मांगते थे। फिर पुलवामा हमले पर शंका जताई, अब वैक्सीन पर भी शंका जता रहे हैं। यह दिवालियापन नहीं तो क्या है?

खबरें और भी हैं...