comScore

पेट्रोल-डीजल पर विपक्ष का हमला: सोनिया बोलीं- मुनाफाखोरी बंद करे सरकार, राहुल ने कहा- एक्साइज दर तुरंत घटाई जाए

पेट्रोल-डीजल पर विपक्ष का हमला: सोनिया बोलीं- मुनाफाखोरी बंद करे सरकार, राहुल ने कहा- एक्साइज दर तुरंत घटाई जाए

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोना काल में पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम के बीच विपक्ष लगातार केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर है। सोमवार को एक बार फिर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमत गिर रही है, इसका फायदा जनता को देना चाहिए, लेकिन सरकार ने टैक्स बढ़ाकर जनता से 18 लाख करोड़ की अतिरिक्त वसूले हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि मुश्किल समय में देशवासियों का सहारा बनें, उनकी मुसीबत का फायदा उठाकर मुनाफाखोरी न करें। वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने Speak Up Against Fuel Hike Campaign के दौरान कहा कि सरकार पेट्रोल-डीजल से मुनाफाखोरी बंद करे, एक्साइज दर तुरंत घटाए और दाम कम करे।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ कोरोना महामारी का कहर और दूसरी तरफ पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमत ने देशवासियों को जीना बेहद मुश्किल कर दिया है। आज देश की राजधानी दिल्ली और अन्य बड़े शहरों में तो पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतें 80 रुपए लीटर को पार कर गई है। उन्होंने कहा कि देश में 25 मार्च से लगाए गए लॉकडाउन के बाद मोदी सरकार ने पिछले तीन महीनों में 22 बार लगातार पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ाईं। डीजल की कीमत 11 रुपए प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत 9 रुपए 12 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दी गई है। यही नहीं पिछले तीन महीने में मोदी सरकार ने एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर भी सालाना लाखों करोड़ों रुपए का इकट्ठे करने का इंतजाम कर लिया है। यह सब तब हो रहा है जब कच्चे तेल की कीमतें लगातार कम हो रही हैं। 

2014 के बाद मोदी सरकार ने 12 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई
सोनिया गांधी ने कहा कि मैं आप सभी को यह भी याद दिलाना चाहती हूं कि 2014 के बाद मोदी सरकार ने जनता को कच्चे तेल की गिरती कीमतों का फायदा देने की बजाए, पेट्रोल और डीजल पर 12 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई। जिससे सरकार ने लगभग 18 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त वसूली की। यह अपने आम में जनता की मेहनत की कमाई से पैसा निकालकर अपना खजाना भरने का जीता-जागता सबूत है। 

सोनिया ने पीएम को लिखी थी चिट्ठी
बता दें कि इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी थी। सोनिया ने अपील की थी कि इस वक्त लोगों के पास रोजगार का संकट है, ऐसे में सरकार को बढ़े हुए दामों को तुरंत वापस लेना चाहिए।

कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन
सोमवार सुबह दस बजे से चंडीगढ़, अहमदाबाद, पटना समेत कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनिल कुमार ने आईपी कॉलेज के पास पेट्रोल पंप पर केंद्र और दिल्ली सरकार द्वारा कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए। पार्टी की युवा शाखा इंडियन यूथ कांग्रेस ने भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अनियंत्रित बढ़ोत्तरी का विरोध किया। कांग्रेस ने देश के हर ब्लॉक में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ 30 जून से शुरू होने जा रहे पांच दिवसीय विरोध प्रदर्शन को आयोजित करने का भी फैसला किया है। दरअसल, विपक्षी दलों ने एक ऐसे समय में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी किए जाने के चलते बार-बार केंद्र सरकार की आलोचना की है जब देश कोरोनो वायरस महामारी से लड़ रहा है।


 

कमेंट करें
BkdU2