दैनिक भास्कर हिंदी: West Bengal: BJP के लिए बढ़ी मुश्किलें, अब सुनील मंडल बोले- टीएमसी छोड़कर आए कई नेता यहां असहज महसूस कर रहे

June 15th, 2021

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल में बीजेपी की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं। चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हुए कई नेता वापस टीएमसी में जाते दिख रहे हैं। अब सांसद सुनील मंडल का इसे लेकर बयान सामने आया है। सुनील मंडल ने कहा, टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वालों में से कई नेता यहां असहज महसूस कर रहे हैं। उन्हें पार्टी में दिल से स्वीकार नहीं किया गया है। कुछ लोग सोचते हैं कि पार्टी में नए लोगों पर भरोसा करना सही नहीं है।

बता दें कि हाल ही में पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर दक्षिण विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक मुकुल रॉय ने टीएमसी में वापसी की थी। शुक्रवार (11 जून 2021) को मुकुल रॉय टीएमसी के दफ्तर पहुंचे। यहां वो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिले। उसके बाद अन्य नेताओं के साथ उनकी बंद कमरे में चर्चा हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनकी घर वापसी का औपचारिक ऐलान कर दिया। इस मौके पर ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे। चार साल पहले जब मुकुल रॉय बीजेपी में शामिल हुए थे तो उनके साथ टीएमसी के कई और नेता भी बीजेपी का हिस्सा बन गए थे। पर अब मुकुल की घर वापसी के बाद सबके पार्टी में वापस लौटने की संभावनाएं प्रबल बताई जा रही हैं। 

बताया जा रहा है कि मुकुल राय पिछले काफी दिनों से बीजेपी से नाराज चल रहे थे। विधानसभा चुनाव से पहले सुवेंदु अधिकारी के बीजेपी में शामिल होने के बाद मुकुल रॉय की पूछपरख पहले ही कम हो गई थी। जबकि ममता के गढ़ में बीजेपी को मजबूत बनाने का क्रेडिट मुकुल रॉय को भी जाता है। ये नाराजगी तब सारी हदें पार कर गई जब नेताप्रतिपक्ष के तौर पर मुकुल की जगह सुवेंदु अधिकारी का नाम आगे बढ़ाया गया। हालांकि सुवेंदु अधिकारी भी बड़े नेता हैं। जिन्होंने नंदीग्राम विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ही करारी शिकस्त दी है।

पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी चुनाव परिणामों के घोषित होने के बाद हुई हिंसा के बारे में बात करने के लिए सोमवार को राज्यपाल से मिलने पहुंचे थे। राज्यपाल से मुलाकात के दौरान अधिकारी 71 में सिर्फ 51 विधायकों को अपने साथ ले जा सके। शेष 26 विधायक अधिकारी के साथ नहीं गए। इस बात ने भी बीजेपी विधायकों के टीएमसी में शामिल होने की खबरों को बवा दे दी है। इसे लेकर अब राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

खबरें और भी हैं...