दैनिक भास्कर हिंदी: उत्तराखंड के सीएम की प्रेस कॉन्फ्रेंस, उपलब्धियां गिनाकर चलते बने, इस्तीफे के सवाल पर साधी चुप्पी

July 2nd, 2021

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने इस्तीफे की पेशकश की खबरों के बीच रात करीब 10 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की। माना जा रहा था कि वो अपने इस्तीफे का आधिकारिक तौर पर ऐलान कर सकते हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इस्तीफे के सवाल पर उन्होंने चुप्पी साध ली। इस दौरान उन्होंने सीएम बनने के बाद अपनी 4 महीनों की उपलब्धियां गिनाई। रावत ने कहा कि राज्य में 20 हजार नई नियुक्तियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से कोरोना की वजह से अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है।उत्तराखंड भी इससे अछूता नहीं रहा। 

उत्तराखंड में कल दोपहर 3 बजे विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। ऐसा माना जा रहा है कि इस बार मुख्यमंत्री किसी विधायक को ही बनाया जाएगा। नए सीएम पद के लिए फिलहाल सतपाल महाराज का पलड़ा सबसे भारी लग रहा है। महाराज उत्तराखंड सरकार में पर्यटन, सांस्कृतिक और सिंचाई मंत्री है। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी पूरा जोर लगा रहे हैं। मुख्यमंत्री तीरथ पिछले बुधवार से दिल्ली में ही थे। इस दौरान उनकी नड्डा और अमित शाह के साथ बैठक भी हुई थी।

बता दें कि इससे पहले खबर आई थी कि तीरथ सिंह रावत ने इस्तीफे की पेशकश की है। इसके पीछे की वजह संवैधानिक संकट पैदा होना बताया गया है। त्रिवेंद्र सिंह रावत को हटाकर 10 मार्च 2021 को तीरथ सिंह को सीएम पद की शपथ दिलाई गई थी। उन्हें इस पद पर बने रहने के लिए उपचुनाव लड़ना था। इसके लिए उनके पास दो महीनों का समय बचा है। बीजेपी का प्लान तीरथ सिंह के चेहरे पर अगले साल का विधानसभा चुनाव लड़ने का था, लेकिन अब ये प्लान बदलता दिखाई दे रहा है।  

तीरथ सिंह रावत ने इस संदर्भ में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को एक पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि आर्टिकल 164-ए के हिसाब से उन्हें मुख्यमंत्री बनने के बाद 6 महीने में विधानसभा का सदस्य बनना था, लेकिन आर्टिकल 151 कहता है कि अगर विधानसभा चुनाव में एक वर्ष से कम का समय बचता है तो वहा पर उप-चुनाव नहीं कराए जा सकते हैं।उतराखंड में संवैधानिक संकट न खड़ा हो, इसलिए मैं मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देना चाहता हूं। 

मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही तीरथ सिंह अपने बयानों को लेकर चर्चा में थे। उनके बयानों ने बीजेपी की खूब फजीहत कराई है। तीरथ सिंह ने एक बयान में कहा था कि कोरोनावायरस एक जीव है और उसे भी जीने का अधिकार है। कुंभ के दौरान तीरथ सिंह रावत ने जिस तरह से भीड़ को जमा होने की छूट दी और उसके बाद कोरोना जांच के नाम पर फर्जीवाड़े में उनके करीबियों का नाम उछला, उससे उनकी स्थिति काफी खराब हो गई।

 

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