'पोचिशे बोइशाख': 'गुरुदेव ने अपने विचारों और रचनाओं से देश को दी नई सोच', पीएम मोदी-शाह ने किया रविंद्रनाथ टैगोर को याद

गुरुदेव ने अपने विचारों और रचनाओं से देश को दी नई सोच, पीएम मोदी-शाह ने किया रविंद्रनाथ टैगोर को याद
पीएम मोदी आर अमित शाह ने रविंद्रनाथ टौगोर को नमन किया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ‘पोचिशे बोइशाख’ के खास मौके पर देशभर में महान कवि और नोबेल पुरस्कार विजेता रवीन्द्रनाथ टैगोर को याद किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गुरुदेव ने अपने विचारों और रचनाओं से देश को नई सोच, नई प्रेरणा और संस्कृति से जुड़ने की ताकत दी। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी टैगोर को याद किया है।

पीएम का पोस्ट

पीएम मोदी ने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर कहा कि आज, 'पोचिशे बोइशाख' के विशेष अवसर पर, हम गुरुदेव टैगोर को अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। गुरुदेव टैगोर असाधारण प्रतिभा के धनी लेखक, विचारक और कवि थे। उन्होंने एक उत्कृष्ट दार्शनिक, शिक्षाविद्, कलाकार और भारत की सभ्यतागत आत्मा की एक शाश्वत वाणी के रूप में अपनी एक अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने मानवता की गहनतम भावनाओं और हमारी संस्कृति के उच्चतम आदर्शों को अपनी अभिव्यक्ति प्रदान की। उन्होंने हमारे समाज को नवीन विचारों, रचनात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक आत्मविश्वास से समृद्ध किया। हम उन्हें अत्यंत श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ स्मरण करते हैं। कामना है कि उनके विचार निरंतर हमारे मस्तिष्कों को आलोकित करते रहें और हमारे प्रयासों में हमारा मार्गदर्शन करें।

शाह ने किया टैगोर को याद

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कवि गुरु रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर, मैं उन्हें शत-शत नमन करता हूं। गुरुदेव ने पराधीनता के काल में साहित्य, संगीत और दर्शन के माध्यम से स्वतंत्रता की भावना में एक नई ऊर्जा का संचार किया। वे एक महान कवि और भारतीय आत्मा की एक सशक्त आवाज़ थे। उनके शब्दों में गहरी संवेदनशीलता थी, उनके विचारों में स्वतंत्रता का संदेश था, और उनकी रचनाओं में विश्व बंधुत्व की चेतना साकार हुई थी। उनकी कालजयी रचना *गीतांजलि* ने मानवता, आध्यात्मिकता और संवेदनशीलता को एक नई दिशा प्रदान की है। *जन गण मन* के माध्यम से उन्होंने राष्ट्रीय एकता, गरिमा और स्वाभिमान को स्वर प्रदान किया।

उन्होंने आगे कहा कि कवि गुरु का जीवन हमें स्वतंत्र चिंतन, मानवीय मूल्यों और सांस्कृतिक समन्वय की ओर प्रेरित करता है। उनके आदर्श, दर्शन और साहित्य सदैव हमारे पथ का मार्गदर्शन और प्रेरणा करते रहेंगे।

Created On :   9 May 2026 10:21 AM IST

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