Bengal Assembly Elections 2026: TMC के उर्दू मैनिफेस्टो पर मचा घमासान, हैदराबाद सांसद बोले मुसलमानों का हमेशा किया गया इस्तेमाल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में जमकर सियासत हो रही है। सभी राजनीतिक पार्टियां वोटरों को लुभाने के लिए अपना मैनिफेस्टो जारी कर रही हैं। इसी बीच बंगाल CM ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से उर्दू में जारी किए गए चुनावी घोषणा पत्र को लेकर तरह-तरह की बयानबाजियां हो रही हैं। भाजपा के साथ-साथ अब AIMIM पार्टी के चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तीखा हमला किया है।
असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार की राजधानी पटना में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बंगाल सीएम ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। हैदराबाद सांसद ने कहा मुसलमानों को लेकर ममता बनर्जी का दोहरा चरित्र है। पिछले साल कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य के 5 लाख बैकवर्ड सर्टिफिकेट्स (पिछड़ा वर्ग प्रमाण-पत्र) को रद्द कर दिया था। जिसमें 3 लाख सर्टिफिकेट्स मुसलमानों के थे। इस पर अभी तक ममता सरकार क्यों बात नहीं कर रही है?
उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी उर्दू में अपना चुनावी घोषणा पत्र छाप कर क्या कर लेंगी? पश्चिम बंगाल की कुल आबादी में से 29 प्रतिशत हिस्से में मुसलमान समुदाय के आते हैं, फिर भी राज्य की सरकारी नौकरियों में मुसलमानों का आंकड़ा मात्र 7 प्रतिशत का ही है। बंगाल में स्कूली शिक्षा छोड़ने वालों (स्कूल ड्रॉपआउट) में सबसे बड़ी संख्या मुसलमानों की है। बच्चियों की साक्षरता दर कम क्यों है। अगर बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद जिले में रहने वाले मुसलमानों को देखें तो राज्य के अन्य हिस्सों के मुकाबले वहां रहने वाले लोग ज्यादा गरीब हैं।'
TMC के घोषणा पत्र को उर्दू में छापने पर बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने उनके मैनिफेस्टों को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा सीएम ममता बंगाल में भाषाई तुष्टीकरण की राजनीति करती आ रही हैं, अब लोगों को पता चल गया है। उनका असली चेहरा जनता के सामने बेनकाब हो गया है। विधानसभा चुनाव 2026 में पश्चिम बंगाल की जनता उन्हें इसका जवाब सत्ता परिवर्तन करके देगी।
Created On :   6 April 2026 12:38 AM IST












