comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

Recipe: चना दाल से बनी स्पेशल खिचड़ी बिरयानी, एक बार जरुर करें ट्राई


डिजिटल डेस्क, मुम्बई। आज हम 'कुक विद रजिया' के किचन से लेकर आए हैं एक स्पेशल ​रेसिपी। इस रेसिपी का नाम है खिचड़ी बिरयानी। क्योंकि इसे चना दाल के साथ बनाया जाता है। यह खाने में बहुत ही स्वादिष्ट और हेल्दी होती है। अगर आपका कुछ हल्का खाने का मन करें तो एक बार रजिया के किचन की यह रेसिपी जरुर ट्राई करें। आइए जानते हैं इसकी रेसिपी। 

सामग्री
1. 1 कप भिगोया हुआ चना दाल
2. 3-4 tbs तेल
3. 2 मध्यम आकार का कटा प्याज
4. 1 चम्मच अदरक लहसुन का पेस्ट
5. ½ चम्मच हल्दी पाउडर
6. 2 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
7. नमक
8. बड़े आकार का कटा हुआ टमाटर
9. ½ चम्मच गरम मसाला
10. ½ टी स्पून इलायची पाउडर
11. 11. कप दही
12. धनिया की छुट्टी
13. मिंट की छुट्टी
14. पानी
15. नमक
16. 1 चम्मच काले बीज
17. 3-4 लौंग
18. 2 हरी इलायची
19. 2 दालचीनी
20. ½ किलो चावल
21. घी
22. केसर दूध
23. 1 चुटकी खाना रंग
24. सिल्वर पेपर

यह भी पढ़े: पांच मिनट में बनाएं पनीर पॉपकॉर्न, मन को भा जाएगा इसका कुरकुरा स्वाद

बनाने का तरीका
1. चना दाल को कड़ाही में लें और धीमी आंच में पकाएं।
2. एक पैन में तेल गर्म करें। प्याज डालकर सुनहरा भूरा होने तक भूनें। आधा प्याज बाहर निकालें और एक तरफ रखें। बाकी प्याज में अदरक लहसुन का पेस्ट और थोड़ा पानी डालें और 20-30 तक पकाएँ। अब इसमें हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, नमक डालें और अच्छी तरह मिलाएं और 20-30 सेकेंड के लिए पकाएं। टमाटर डालें, मिलाएँ। अब इसे ढककर नरम होने तक पकाएं।
3. गरम मसाला, इलायची पाउडर और दही डालें और अच्छी तरह मिलाएँ। अब चना दाल, धनिया लीव, ​​पुदीना लीव डालकर अच्छी तरह मिलाएँ। इसे ढक दें और 2-3 मिनट तक पकाएं।
4. एक पैन में पानी डालें। नमक, जीरा, लौंग, हरी इलायची डालें। दालचीनी, पुदीना छुट्टी, धनिया छुट्टी और मिश्रण। अब इसे ढक दें और पानी को उबलने दें। अब चावल डालकर ढक दें और 7-8 मिनट तक पकाएं।
5. अब एक पैन में चावल की एक परत डालें और फैलाएं और फिर चना दाल की एक परत डालें और फैलाएं। तली हुई प्याज, पुदीना छुट्टी और धनिया छुट्टी जोड़ें। चावल की एक और परत, तली हुई प्याज, पुदीना छोड़, धनिया, घी, चावल का पानी, केसर दूध के साथ चुटकी भर खाद्य रंग मिलाएं। सिल्वर पेपर से ढककर 3-4 मिनट तक तेज आंच में पकाएं फिर आंच धीमी कर दें और 10-15 मिनट तक पकाएं।
6. 15 मिनट के बाद खिचड़ी बिरयानी परोसने के लिए तैयार है।

कमेंट करें
kg8c5
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।