दैनिक भास्कर हिंदी: B'day special : पहले ही ओवर में इस खिलाड़ी ने ली थी 'हैट्रिक', जानें इंटरेस्टिंग फैक्ट्स

October 27th, 2017

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टीम इंडिया में एक समय बेहतरीन ऑलराउंडर बनकर उभरे इरफान पठान आज अपना 33वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। 27 अक्टूबर 1984 को जन्मे इरफान की तुलना एक समय वसीम अकरम और कपिल देव से की जाती थी, लेकिन बार-बार चोटिल होने और खराब फिटनेस की वजह से इरफान पठान टीम में लंबे समय तक जगह नहीं बना सके। इरफान पठान इकलौते ऐसे गेंदबाज हैं, जिन्होंने एक टेस्ट मैच के पहले ही ओवर में हैट्रिक लेकर रिकॉर्ड बनाया था। आज उनके बर्थडे पर हम आपको उनकी लाइफ से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं, जो शायद ही आपने कभी सुनी हो। 

 

मस्जिद में बीता है बचपन

इरफान पठान की फैमिली वडोदरा की एक मस्जिद के पीछे बने छोटे से कमरे में रहती थी। उनके पिता इसी मस्जिद में मुअज्जिन थे और उनका बचपन भी इसी मस्जिद में बीता है। इरफान अपने पिता और बड़े भाई यूसुफ के साथ मिलकर मस्जिद की साफ-सफाई भी किया करते थे। बताया जाता है कि दोनों भाई ने क्रिकेट खेलना भी इसी मस्जिद में सीखा। दोनों भाई अपने दोस्तों के साथ मस्जिद के पास में बने ग्राउंड में क्रिकेट खेला करते थे। बचपन में मस्जिद के सामने खेलने वाले इरफान पठान एक दिन इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी पहचान बनाएंगे, इसके बारे में शायद ही किसी ने सोचा होगा। 

 

बचपन से था क्रिकेट का शौक

इरफान पठान को क्रिकेट खेलने का शौक बचपन से ही था। इरफान जब 13 साल के थे, तो उनका सिलेक्शन वडोदरा की अंडर-16 टीम में हुआ। इसके बाद 2001 में इरफान रणजी ट्रॉफी के लिए चुने गए। रणजी के अपने पहले ही सीजन में इरफान ने 43.28 के एवरेज से 7 विकेट लिए और 12.50 के एवरेज से 75 रन बनाए। इस सीजन में उनका बेस्ट स्कोर नॉटआउट 40 रन था, जो उन्होंने ओड़िसा के खिलाफ खेलते हुए बनाया था। अपने टेलैंट और मेहनत के बलबूते इरफान का सिलेक्शन 2002 में न्यजीलैंड में होने वाले अंडर-19 वर्ल्ड कप में हुआ। 

 

जहीर के चोटिल होने के बाद मिला मौका

इरफान पठान को इंटरनेशनल क्रिेकेट में मौका जहीर खान के चोटिल होने की वजह से मिला। 2003 में इरफान ने टेस्ट डेब्यू किया। इसके बाद एडिलेड में उन्होंने दूसरा टेस्ट भी खेला, लेकिन तीसरे टेस्ट में उन्हें मौका नहीं मिला। बाद में पठान को चौथे टेस्ट में फिर प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। इस मैच में उन्होंने एडम गिलक्रिस्ट, रिकी पोन्टिंग और स्टीव वॉ को आउट किया। 

पहले ही ओवर में ली हैट्रिक

साल 2006 में इंडिया और पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेली जा रही थी। इस टेस्ट से पहले पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज जावेद मियांदाद ने कहा था कि इरफान पठान जैसे बॉलर हर गली में घूमते हैं। इसके बाद पठान ने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच के पहले ही ओवर में हैट्रिक लेकर जावेद मियांदाद को करारा जवाब दिया था। कराची में खेले गए दूसरे टेस्ट में पठान ने पहले ही ओवर में सलमान बट, यूनुस खान और मोहम्मद यूसुफ को आउट कर हैट्रिक ली थी। मैच के पहले ही ओवर में हैट्रिक लेने वाले पठान पहले गेंदबाज हैं। 

जब दोनों भाईयों ने खेली मैच जिताऊ पारी

2008-09 में इंडिया टीम श्रीलंका टूर पर गई। इस दौरान कोलंबो में दोनों टीम के बीच खेले गए एक टी-20 में श्रीलंका ने पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवरों में 4 विकेट खोकर 171 रन बनाए। इस स्कोर को देखते हुए टीम इंडिया की जीत तय मानी जा रही थी, लेकिन टीम इंडिया की शुरुआत काफी खराब रही और वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर दोनों ही 14 के स्कोर पर आउट हो गए। इसके बाद युवराज सिंह और सुरेश रैना ने मिलकर पारी संभाली। टीम इंडिया का स्कोर 16 ओवरों में 115 रन पर पहुंच गया, लेकिन इंडिया अपने 7 विकेट खो चुका था और जीत के लिए 29 बॉल पर 57 रनों की जरुरत थी।। क्रीज पर इरफान पठान और यूसुफ पठान मौजूद थे। टीम इंडिया की हार लगभग तय थी। ऐसे समय में दोनों भाईयों ने मिलकर 4 छक्के लगाए और टीम को जीत दिलाई। इस मैच में इरफान पठान ने 16 बॉल पर 33 रन और यूसुफ पठान ने 10 बॉल पर 22 रन बनाए थे। 

 

5 साल से नहीं खेला कोई इंटरनेशनल मैच

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बैटिंग के साथ-बॉलिंग में भी शानदार होने के बाद भी इरफान पठान टीम को टीम में वो जगह नहीं मिली, जो मिलनी चाहिए थे। 2003 में इंटरनेशन क्रिेकेट में डेब्यू करने वाले इरफान पठान ने पिछले 5 सालों से कोई इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है। पठान ने 2008 के बाद से टेस्ट और 2012 के बाद से कोई वनडे या टी-20 इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है। इसके बावजूद इरफान क्रिकेट में काफी एक्टिव हैं और रणजी ट्रॉफी में वडोदरा की टीम की कमान संभाल रहे हैं। इसके अलावा इरफान और यूसुफ दोनों भाई मिलकर वडोदरा में 'क्रिकेट एकेडमी ऑफ पठान्स' नाम की क्रिकेट एकेडमी चलाते हैं, जिसमें यंग प्लेयर्स को क्रिकेट के गुर सिखाए जाते हैं।