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IND VS ENG: हार की कगार पर टीम इंडिया, 154 पर 9 विकेट गिरे

August 04th, 2018 16:52 IST
IND VS ENG: हार की कगार पर टीम इंडिया, 154 पर 9 विकेट गिरे

हाईलाइट

  • भारत के सामने 194 का लक्ष्य।
  • भारत के तीन विकेट गिरे।
  • इंग्लैंड की दूसरी पारी 180 पर सिमटी।

डिजिटल डेस्क, बर्मिंघम। भारत और इंग्लैंड के बीच एजबेस्टन क्रिकेट ग्राउंड में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन इंग्लैंड ने भारत के सामने 194 रनों का लक्ष्य रखा है। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने पांच विकेट पर 110 रन बना लिए हैं। कप्तान विराट कोहली 43 रन और विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक 18 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं। टीम का स्‍कोर है 110/5 जबकि भारत को एजबेस्‍टन टेस्‍ट जीतने के लिए अभी 84 रन की जरूरत है। इंग्‍लैंड के लिए दूसरी पारी में ब्रॉड ने दो विकेट लिए। वहीं एंडरसन, स्‍टोक्‍स और सैम कुरन को एक-एक विकेट मिला।

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194 के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की दूसरी पारी में शुरुआत अच्छी नहीं रही। भारत के दोनों सलामी बल्लेबाज 22 रन के अंदर पवेलियन लौट गए। विजय ने 6 रन और धवन ने 13 रन बनाए। दोनों को तेज गेंदबाज ब्रॉड ने आउट किया। इसके बाद राहुल भी 13 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर आउट हो गए। उपकप्तान रहाणे दूसरी पारी में भी फेल रहे और दो रन बनाकर सैम कुरन के गेंद पर आउट हो गए। भारत ने अपने पांच विकेट 78 रन पर खो दिये थे। इसके बाद कोहली और कार्तिक ने पारी को संभालते हुए 32 रनों की साझेदरी की और टीम इंडिया को 100 के पार पहुंचाया। इंग्लैंड की ओर से ब्रॉड ने दो विकेट लिए,वहीं एंडरसन, स्टोक्स और कुरन ने 1-1 विकेट मिला। भारत को अब मैच जीतने के लिए चौथे दिन 84 रनों की जरूरत है। 



तीसरे दिन इंग्लैंड ने दूसरी पारी में एक विकेट के नुकसान पर 9 रन से आगे खेलना शुरु किया। भारत के फिरकी गेंदबाज अश्विन ने दिन की पहली सफलता हासिल की। उन्होंने सलामी बल्लेबाज जेनिंग्स को आउट कर भारत को दूसरी सफलता दिलाई। इसके बाद इंग्लैंड के कप्तान भी कुछ खास नहीं कर सके। उन्हें 14 रन पर अश्विन ने अपना तीसरा शिकार बनाया। इंग्लैंड की टीम इससे उबर नहीं सकी। भारतीय तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने इसका जमकर फायदा उठाया। उन्होंने अपने कहर बरपाती गेंद से मेजबान टीम के चार विकेट गिरा दिये। एक वक्त इंग्लैंड ने अपने सात विकेट सिर्फ 87 रन पर खो दिये थे। हालांकि इसके बाद इंग्लैंड के हरफनमौला खिलाड़ी सैम कुरन ने आदिल रशीद के साथ मिलकर पारी को संभाला। रशीद ने उमेश यादव की गेंद पर आउट होने से पहले 16 रन बनाए। वहीं सैम कुरन आखिरी बल्लेबाज के रूप में 180 के स्कोर पर आउट हुए। उन्होंने आउट होने से पहले बेहतरीन 63 रनों का योगदान दिया और इंग्लैंड को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

                         

दूसरे दिन भारत ने अपनी पहली पारी में बनाए 274 रन

दूसरे दिन इंग्लैंड की पहली पारी 285 रन पर सिमट गई। अंतिम विकेट मो. शमी ने लिया। जिसके जवाब में भारतीय टीम पहली पारी में 274 रन पर ऑल आउट हो गई। भारत की ओर से कप्तान विराट कोहली ने 149 रन और हार्दिक पंड्या ने 22 रन का महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं इंग्लैंड की ओर से सैम कुरन ने चार विकेट हासिल किया।  

पहले दिन अश्विन ने झटके 4 विकेट, इंग्लैंड 285/9
मैच के पहले दिन भारत ने अश्विन के चार विकेट की बदौलत इंग्लैंड को 9 विकेट पर 285 रन ही बनाने दिये थे। भारत को पहली सफलता आर अश्विन ने दिलाई। अश्विन ने 13 रन पर खेल रहे ओपनर कुक को बोल्ड कर इंग्लैंड को पहला झटका दिया। वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर बिना खाता खोले ही अश्विन की गेंद पर lbw करार दिए गए। इसके बाद अश्विन ने बेन स्टोक्स को 21 रन और ब्रॉड (1 रन) को आउट कर मैच में अपना चौथा विकेट लिया था।

दोनों टीमें इस प्रकार हैं :
भारत: मुरली विजय, शिखर धवन, केएल राहुल, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, दिनेश कार्तिक, हार्दिक पंड्या, आर अश्विन, उमेश यादव, मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा
इंग्लैंड: एलेस्टर कुक, कीटन जेनिंग्स, जो रूट (कैप्टन), डेविड मलान, जॉनी बेयर्स्टो (विकेटकीपर), बेन स्टोक्स, जोस बटलर, सैम कुरैन, आदिल राशिद, स्टुअर्ट ब्रॉड, जेम्स एंडरसन
 

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क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

डिजिटल डेस्क, श्रीनगरजम्मू कश्मीर की सीमा के आसपास ड्रोन की हलचलें लगातार तेज होती जा रही हैं। इसके बाद भारत ने भी ये मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया है कि ड्रोन की इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से घातक साबित हो सकती हैं। इस हमले के बाद से भारत में ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ गई है। इस रिपोर्ट में जानिए आखिर ड्रोन है क्या और यह कैसे ऑपरेट होते हैं? इसके इस्तेमाल और इससे क्या नुकसान हो सकता है और देश में ड्रोन्स को उड़ाने को लेकर सरकार की क्या गाइडलाइन्स हैं।

ड्रोन क्या होता है?
ड्रोन्स को UAV यानी Unmanned aerial vehicles या RPAS यानी Remotely Piloted Aerial Systems भी कहा जाता है। आम बोल चाल वाली भाषा में इसे मिनी हैलिकॉप्टर भी कहते हैं। अक्सर शादी के दौरान फोटोग्राफी के लिए आपने ड्रोन का इस्तेमाल होते हुए देखा होगा। यह एक ऐसा यंत्र है, जिसमें एचडी कैमरे, ऑनबोर्ड सेंसर और जीपीएस लगा होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए एक सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है। इसके चारों और 4 रोटर्स लगे होते हैं, जिनकी मदद से यह आसमान में ऊंचा उड़ने में सक्षम होता है। एक ड्रोन का वजन 250 ग्राम से लेकर 150 किलोग्राम से भी ज्यादा हो सकता है।

ड्रोन को उड़ाने के लिए सॉफ्टवेयर, जीपीएस और रिमोट की आवश्यकता होती है। रिमोट के जरिए ही ड्रोन को ऑपरेट और कंट्रोल कर सकते हैं। ड्रोन पर लगे रोटर्स की गति को रिमोट की जॉयस्टिक के जरिए कंट्रोल किया जाता है। वहीं, जीपीएस दिशाएं बताता हैं, जीपीएस दुर्घटना होने से पहले ही ऑपरेटर को चेतावनी भेज देता है। 

ड्रोन हमले किस तरह से हो सकते हैं?
ड्रोन का इस्तेमाल कई देशों की सेनाएं कर रही हैं, क्योंकि ये साइज में छोटे होते हैं इसलिए रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आ पाते हैं, साथ ही दुर्गम इलाकों में भी गुपचुप घुसपैठ कर सकते हैं। यही कारण है कि सेना में इनका इस्तेमाल बढ़ने लगा है।ड्रोन हमले दो प्रकार से संभव हैं। एक तरीका ये है कि ड्रोन में हथियार या विस्फोटक लगा दिए जाते हैं और ड्रोन इन हथियारों या विस्फोटक को लक्ष्य पर ड्रॉप कर देता है। ड्रोन से हमले का दूसरा तरीका है ड्रोन को खुद ही एक विस्फोटक में बदल दिया जाए। 

कितने घातक हो सकते हैं ड्रोन हमले?
ये ड्रोन के प्रकार और पेलोड पर निर्भर है। पेलोड मतलब ड्रोन कितना वजन अपने साथ लेकर उड़ सकता है। ड्रोन की पेलोड क्षमता जितनी ज्यादा होगी वो अपने साथ उतनी ज्यादा मात्रा में विस्फोटक सामग्री लेकर उड़ सकता है। अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन अपने साथ 1700 किलो तक वजन ले जाने में सक्षम हैं।

ड्रोन से अबतक के बड़े हमले
2020 में अमेरिका ने ईरानी मेजर जनरल सुलेमानी को मार गिराया था। इससे पहले 2019 में यमन के हूती विद्रोहियों ने साऊदी अरब की अरामको ऑयल कंपनी पर ड्रोन हमला किया था। पाकिस्तान के वजीरिस्तान में 2009 के दौरान एक ड्रोन हमले में 60 लोग मारे गए थे।

देश में ड्रोन्स के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन्स 
देश में नागरिक उड्डयन मंत्रालय(Ministry of Civil Aviation) ने ड्रोन उड़ाने पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। ड्रोन के वजन और साइज के अनुसार इन प्रतिबंधों को कई वर्ग में बांटा गया है।

1.नेनो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं पड़ती।

2.माइक्रो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए UAS Operator Permit-I से अनुमति लेनी पड़ती है और ड्रोन पायलट को SOP(Standard operating procedure) का पालन करना होता है। 

इनसे बड़े ड्रोन उड़ाने के लिए डीजीसीए से परमिट(लाइसेंस ) की आवश्यकता होती है। अगर आप किसी प्रतिबंधित जगह पर ड्रोन उड़ाना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपको डीजीसीए से अनुमति लेनी पड़ेगी। बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी है और इसके लिए ड्रोन ऑपरेटर पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान है।

ड्रोन उड़ाने के लिए प्रतिबंधित जगह

  • मिलिट्री एरिया के आसपास या रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाका।
  • इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 5 किलोमीटर और नेशनल एयरपोर्ट के 3 किलोमीटर का दायरा।
  • इंटरनेशनल बॉर्डर के 25 किलोमीटर का दायरा ।
  • इसके अलावा ड्रोन की कैटेगरी को मद्देनजर रखते हुए इन्हें कितनी ऊंचाई तक उड़ाया जा सकता है वो भी निर्धारित है।

ड्रोन उड़ाने के लिए जरूरी हैं लाइसेंस
नैनो ड्रोन्स को छोडकर किसी भी तरह के ड्रोन्स को उड़ाने के लिए लाइसेंस या परमिट की जरूरत पड़ती है।ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस दो कैटेगरी के अंतर्गत दिए जाते हैं, जिसमें पहला है स्टूडेंट रिमोट पायलट लाइसेंस और दूसरा है रिमोट पायलट लाइसेंस।इन दोनों लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए ड्रोन ऑपरेटर की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 65 साल होनी चाहिए। लाइसेंस के लिए ऑपरेटर कम से कम 10वीं पास या 10वीं क्लास के बराबर उसके पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से डिग्री होना अति आवश्यक हैं।आवेदन करने वाले व्यक्ति को डीजीसीए स्पेसिफाइड मेडिकल एग्जामिनेशन भी पास करना जरूरी है। लाइसेंस के लिए बैकग्राउंड भी चेक होता है।

जुर्माने का प्रावधान

  • बिना लाइसेंस उड़ाने पर 25000 रुपए का जुर्माना।
  • नो-ऑपरेशन जोन यानी प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ान भरने पर 50000 रुपए का जुर्माना।
  • ड्रोन का थर्ड पार्टी बीमा ना होने पर 10000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।