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आईएसएल-6 : एटीके के फायरपावर से सावधान रहना चाहेगा चेन्नइयन

October 30th, 2019 09:01 IST
आईएसएल-6 : एटीके के फायरपावर से सावधान रहना चाहेगा चेन्नइयन

हाईलाइट

  • आईएसएल-6 : एटीके के फायरपावर से सावधान रहना चाहेगा चेन्नइयन (प्रीव्यू)

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। दो बार का चैम्पियन चेन्नइयन एफसी हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के छठे सीजन में पहली जीत के लिए बेताब है। बुधवार को उसे जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में एटीके से भिड़ना है और चेन्नई की टीम इस मैच को जीतकर खाता खोलना चाहेगी।

चेन्नई की टीम के खाते में सिर्फ दो अंक हैं। उसे अपने पहले मैच में एफसी गोवा के हाथों 0-3 से हार मिली थी जबकि रविवार को मुम्बई सिटी एफसी से उसने गोलरहित ड्रॉ खेला था। ऐसे में जबकि एटीके अपने पिछले मैच में हैदराबाद एफसी के खिलाफ 5-0 की जीत के साथ चेन्नई पहुंचा है, मेजबान टीम के लिए पूरे अंक हासिल कर पाना आसान नहीं होगा।

चेन्नई की टीम ने गोवा के खिलाफ खराब प्रदर्शन किया था लेकिन मुम्बई के खिलाफ उसके प्रदर्शन में थोड़ा सुधार दिखा था। यह अलग बात बात है कि यह टीम अब तक दो मैचों में एक भी गोल नहीं कर सकी है। कोच जॉन ग्रेगोरी हालांकि इससे निराश नहीं हैं और उनका ध्यान टीम द्वारा बनाए गए मौकों पर है।

ग्रेगोरी ने कहा, मुम्बई के खिलाफ हमने सबकुछ किया लेकिन स्कोर नहीं कर सके। हमने कई मौके बनाए। हमने गोल पर 18 शॉट्स लिए। सभी टारगेट पर नहीं थे लेकिन कुछ में गोल करने का मौका था। मैं हैरान हूं कि हम कैसे स्कोर नहीं कर पाए। अमरिंदर ने कुछ शानदार बचाव किए और इस कारण मैं अपनी टीम में सुधार से प्रभावित हूं।

रफाएल क्रिवेलारो, अनिरुद्ध थापा, लालियाजुआला चांग्ते और द्रागोस फिर्टूलेस्कू पर चेन्नई के लिए मौके बनाने की जिम्मेदारी होगी जबकि एटीकी इन्हें शांत करने के लिए हर एक कोशिश करेगा। गोवा के खिलाफ चेन्नई के डिफेंस में छेद दिखा था लेकिन मुम्बई के खिलाफ क्लीन शीट के बाद यह चिंता थोड़ी कम हुई है। लूसियान गोइयान के नेतृत्व में उसके डिफेंस पर एटीके के मजबूत आक्रमणकारियों को रोकने की जिम्मेदारी होगी।

हैदराबाद के खिलाफ डेविड विलियम्स और रॉय कृष्णा ने बेहतरीन खेल दिखाया था। स्पेनिश मिडफील्डर इदु गार्सिया भी बेहतरीन फार्म में दिखे थे। विंग्स में माइकल सूसाइराज और प्रबीर दास ने भी प्रभावित किया था। ग्रेगोरी को आभास है कि एंटोनियो हाबास की टीम में काफी फायरपावर है लेकिन साथ ही उन्हें इस बात का यकीन है कि उनकी टीम इस फायरपावर को रोकने में सफल होगी।

ग्रेगोरी ने कहा, एटीके को अपने दूसरे मैच में शानदार जीत मिली। उसने हर एक मौके पर गोल किया। विलियम्स और कृष्णा ने बेहतरीन खेल दिखाया। इन खिलाड़ियो को चुप रख पाना मुश्किल होगा लेकिन हम इन्हें रोकने में सफल होंगे, इसे लेकर मैं आश्वस्त हूं। एटीके ने अपने दोनों मैचों में काफी जल्दी गोल किए थे और इसे लेकर ग्रेगोरी की टीम को सावधान रहना होगा। इसे लेकर ग्रेगोरी ने कहा, हमने हर समय सावधान रहना होगा। एटीके की शुरुआत अच्छी होती है। यह उसने दोनों मैचों में साबित किया है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।