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पांड्या की मौजूदगी से भारत को आस्ट्रेलिया में मदद मिलेगी : चैपल

June 08th, 2020 12:16 IST
 पांड्या की मौजूदगी से भारत को आस्ट्रेलिया में मदद मिलेगी : चैपल

हाईलाइट

  • पांड्या की मौजूदगी से भारत को आस्ट्रेलिया में मदद मिलेगी : चैपल

सिडनी, 7 जून (आईएएनएस)। आस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इयान चैपल का मानना है कि अगर आलराउंडर हार्दिक पांड्या फिट रहते हैं तो इससे इस साल के आखिर में आस्ट्रेलिया में होने वाली टेस्ट सीरीज में भारत को मदद मिलेगी।

चैपल का मानना है कि पांड्या की मौजूदगी भारत को एक अतिरिक्त गेंदबाज का विकल्प और साथ ही बल्लेबाजी में गहराई दे सकती है।

भारतीय टीम को इस साल के अंत में आस्ट्रेलिया का दौरा करना है, जहां वह चार मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी।

चैपल ने ईएसपीएन क्रिकइंफो के लिए लिखे अपने कॉलम में लिखा, अगर हार्दिक पांड्या उपलब्ध होंगे तो काफी मदद होगी। जब आपके मुख्य तेज गेंदबाजों को आराम की जरूरत होगी, तो हार्दिक आपको एक अतिरिक्त विकल्प देंगे ताकि दबाव बरकरार रखा जाए।

उन्होंने कहा, ये पांड्या के लिए सही मौका है कि वो पहले तीन टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन दिखाएं और फिर एससीजी (सिडनी) में होने वाले चौथे टेस्ट में वो तीसरे तेज गेंदबाज की भूमिका निभाएं ताकि वहां एक और स्पिनर को शामिल किया जा सके।

पूर्व कप्तान ने लिखा, पांड्या के होने से ऋषभ पंत को बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज छठे नंबर पर उतारा जा सकता है, क्योंकि पांड्या सातवें नंबर पर उतर सकते हैं।

पांड्या ने भारत के लिए अब तक 11 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उनके नाम एक शतक और एक बार पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड है। उन्होंने अब तक 532 रन बनाने के अलावा 17 विकेट भी चटकाए हैं। पांड्या ने अपना पिछला टेस्ट मैच अगस्त 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था।

भारत अपनी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को बचाने की शुरूआत ब्रिस्बेन से करेगा, जहां पहला टेस्ट मैच तीन से सात दिसंबर के बीच खेला जाएगा। दूसरा मैच एडिलेड में 11 से 15 दिसंबर के बीच खेला जाएगा। मेलबर्न 26 से 30 दिसंबर के बीच तीसरे टेस्ट की मेजबानी करेगा।

चौथा और आखिरी टेस्ट सिडनी में होगा। भारतीय टीम विदेशी जमीन पर अपना पहला डे-नाइट टेस्ट मैच आस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) पर तीन से सात जनवरी 2021 के बीच खेलेगी।

- -आईएएनएस

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।