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मणिपुर को खेल पावरहाउस नहीं सुपर स्पोर्ट्स पावर हाउस बनाना चाहती हूं : मैरी कॉम

August 10th, 2018 14:51 IST

हाईलाइट

  • राज्यसभा में मणिपुर राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय का बिल पास।
  • मैरी कॉम ने जताई मणिपुर में खेल सुपर स्पोर्ट्स पावर हाउस बनाने की ख्वाहिश।
  • मणिपुर में एनएसयू की स्थापना पर 524 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ओलिंपिक मुक्केबाज और राज्यसभा सांसद मैरी कॉम ने गुरुवार को मणिपुर में राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय(एनएसयू) की स्थापना के लिए संसद के बिल पास करने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, " मैं इस फैसले से बहुत खुश हूं, खेल विश्वविद्यालय खुलने से पुराने खिलाड़ी अपना प्रदर्शन और बेहतर कर सकेंगे। साथ ही इसके जरिए नई प्रतिभाएं उभर कर सामने आएंगी और उन्हें काफी फायदा और बढ़ावा मिलेगा। हाल ही में केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि देश के अपनी तरह के इस पहले संस्थान में खेल विज्ञान, खेल तकनीक, खेल प्रबंधन और खेल प्रशिक्षण जैसे विषयों पर अध्ययन-अध्यापन और शोध आदि किया जाएगा। इसके साथ ही चुने हुए खेलों के राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र के तौर पर भी ये संस्थान काम करेगा। 

सुपर स्पोर्ट्स पावरहाउस बनाना चाहती हूं 
मणिपुर को खेल पावरहाउस के रूप में जाना जाता है और मैं इसे सुपर स्पोर्ट्स पावरहाउस बनाना चाहती हूं। इसके लिए सरकार जो भी उचित कदम उठाएगी। उसमें मुझे सरकार की किसी भी तरह की मदद करने में बहुत खुशी होगी। राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय  "खेल विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, प्रशिक्षण, प्रबंधन और कोचिंग को बढ़ावा देने के लिए है। आगामी विश्वविद्यालय में उनके पाठ्यक्रम और विशेषज्ञता को विकसित करने के लिए कैनबरा और विक्टोरिया के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया है। 

जानते हैं एनएसयू  के बारे में
मणिपुर में एनएसयू की स्थापना पर 524 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसके ज़रिए खेल प्रशिक्षण और शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। विश्व चैम्पियनशिप और ओलंपिक के खिलाड़ी ही विश्वविद्यालय में शिक्षक के रूप  में शामिल होंगे। खेल संस्थानों में खेल पृष्ठभूमि से कम ही लोग आते हैं। लेकिन इस विश्वविद्यालय में, चांसलर, अकादमिक और गतिविधि परिषद में वही लोग शामिल होंगे जो खिलाड़ी हैं और जिन्होंने विश्व चैम्पियनशिप और ओलिंपिक में भाग लिया था। एनएसयू का कुलपति भी किसी खिलाड़ी को ही बनाया जाएगा। विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स कोचिंग, फिजियोलॉजी, पोषण, पत्रकारिता और खेल से जुड़े अन्य वर्टिकल पर ज्यादा फोकस किया जाएगा। इस विश्वविद्यालय के देशभर में ‘दूरस्थ परिसर’ (आउटलाइंग कैंपस) खोले जाएंगे जो एनएसयू के उद्देश्य को हासिल करने में मददग़ार होंगे।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।