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विराट और मीराबाई चानू को दिया जाएगा इस साल का खेल रत्न पुरस्कार, नीरज चोपड़ा को अर्जुन अवॉर्ड

September 18th, 2018 15:06 IST
विराट और मीराबाई चानू को दिया जाएगा इस साल का खेल रत्न पुरस्कार, नीरज चोपड़ा को अर्जुन अवॉर्ड

हाईलाइट

  • नीरज चोपड़ा को अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुना गया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज विराट कोहली को इस साल का राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार दिया जाएगा। विराट के अलावा भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड दिलाने वाली मीराबाई चानू को भी इस साल के खेल रत्न पुरस्कार से नवाजा जाएगा। 

साल 2016 के खेल रत्न पुरस्कार के लिए विराट कोहली का नाम सामने आया था। लेकिन तब उन्हें इस पुरस्कार के लिए चुना नहीं गया था। अब विराट को इस साल का खेल रत्न पुरस्कार के लिए चुना गया है। इससे पहले क्रिकेट जगत से क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर को 1997 में यह सम्मान दिया गया था। उसके बाद भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को 2007 में खेल रत्न सम्मान प्राप्त हुआ था। अब विराट कोहली तीसरे क्रिकेटर हैं जिन्हें खेल रत्न से सम्मानित किया जाएगा। 

वहीं मीराबाई चानू की बात करें तो उन्होंने हाल ही में कमाल का प्रदर्शन किया है। उन्होंने पिछले साल भारत के लिए वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड हासिल किया था। इसके बाद इस साल अप्रैल में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उन्होंने भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था। हालांकि चोट के चलते वह 18वें एशियन गेम्स 2018 में हिस्सा नहीं ले पाई थी। 

इसके अलावा देश के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा को अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुना गया है। वहीं एथलीट जिन्सन जॉनसन, हिमा दास, सविता पुनिया क्रिकेटर स्मृति मंधाना, रोहन बोपन्ना, हॉकी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह, शूटर अंकुर मित्तल, राही सरनोबत, श्रेयसी सिंह, शटलर सिक्की रेड्डी, सुमीत रेड्डी टेबल टेनिस स्टार मनिका बत्रा, पूजा कादियान, शुभांकर शर्मा, पैरा खिलाड़ी अंकुर धाम और मनोज सरकार को भी इस साल का अर्जुन अवॉर्ड दिया जाएगा।

नीरज चोपड़ा ने पिछले कुछ समय में काफी नाम कमाया है। वो देश के लिए लगातार मेडल जीत रहें हैं। नीरज ने एशियन गेम्स में जैवलीन थ्रो इवेंट में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता। यह भारत का इस इवेंट में पहला गोल्ड है। नीरज ने न केवल गोल्ड जीता, बल्कि नया नेशनल रिकॉर्ड भी बनाया। वह एशियन गेम्स में भारत के ध्वजवाहक भी थे। इससे पहले उन्होंने इस साल कॉमनवेल्थ में भी गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके अलावा अंडर 20 एथलेटिक्स में भी उन्होंने रिकॉर्ड कायम करके गोल्ड हासिल किया था। 
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।