दूषित पेयजल: दूषित पेयजल से गांव में फैली बीमारी, 25 पीलिया से पीड़ित, ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत कर बीमारों की सूची सौंपी

दूषित पेयजल से गांव में फैली बीमारी, 25 पीलिया से पीड़ित, ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत कर बीमारों की सूची सौंपी
  • 20 दिनों से दूषित पेयजल की आपूर्ति
  • दूषित पानी के सेवन से गांव के 25 लोग पीलिया के शिकार
  • कलेक्टर की फटकार के बाद सरकारी महकमे में हड़कंप

डिजिटल डेस्क, छिंदवाड़ा। जलजीवन मिशन के तहत गांव-गांव में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था बनाने करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय से महज सात किमी दूर खेड़ीकलां में दूषित पानी ने ग्रामीणों की सेहत बिगाड़ दी है। लगातार दूषित पानी के सेवन से गांव के 25 लोग पीलिया के शिकार हो चुके है। इनमें से पांच को सिविल अस्पताल में भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है।

गुरुवार को ग्रामीणों ने मरीजों की सूची के साथ कलेक्टर अजय देव शर्मा से शिकायत की थी। कलेक्टर की फटकार के बाद सरकारी महकमे में हडक़ंप मचा हुआ है। कलेक्टर के निर्देश पर गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम खेड़ीकलां पहुंची थी। जहां ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पाइप का बाल्व लीक होने से लोगों को घरों में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। जिससे वे बीमार पड़ रहे है।

विभागों ने नहीं ली सुध

ग्रामीणों की माने तो विगत 20 दिनों से दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है। शिकायत के बाद भी पंचायत, जनपद, स्वास्थ्य अमले ने सुध नहीं ली है। बीमारों की संख्या बढऩे पर ग्रामीणों ने कलेक्टर से ही शिकायत की है।

आज जाएगी पीएचई की टीम

पीएचई के सहायक यंत्री सुभाष गाडग़े का कहना है कि इस मामले की जानकारी मुझे देर शाम को मिली थी। पेयजल सप्लाई की जवाबदारी पंचायत की है। शुक्रवार को लीकेज बॉल्व की मरम्मत कराई जाएगी। इसके अलावा पानी का सैंपल लिया जाएगा। ताकि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिल सके।

स्वास्थ्य अमले ने किया डोर-टू-डोर सर्वे

बीएमओ डॉ. दीपेन्द्र सलामे का कहना है कि पूरी टीम ने खेड़ीकलां में डोर टू डोर सर्वे किया है। कई ग्रामीणों ने अपनी मेडिकल जांच रिपोर्ट भी दिखाई है।१५ लोगों में पीलिया की पुष्टि हुई है। बीमारों में से पांच को प्राथमिक इलाज के बाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जरुरत पडऩे पर अन्य मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया जाएगा। सर्वे के दौरान देखा गया कि यहां से जलापूर्ति की जा रही है वहां एक बाल्व लीक है। टाके में भी गंदगी का आलम था। यहीं से आसपास के घरों में दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही थी। संभवत: जिसकी वजह से लोग बीमार पड़ रहे है।

Created On :   29 March 2024 4:00 AM GMT

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