Nagpur News: सरकार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, विद्यार्थियों की जीत

Nagpur News ओबीसी क्रीमी लेयर के निर्धारण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की स्पष्टीकरण याचिका खारिज करते हुए 11 मार्च 2026 के अपने पुराने फैसले को बरकरार रखा है। इस फैसले का कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे ओबीसी विद्यार्थियों के अधिकारों की जीत बताते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा।
शनिवार को पत्रकारों से चर्चा में वडेट्टीवार ने कहा कि ओबीसी क्रीमी लेयर तय करने के लिए केवल माता-पिता की आय को आधार बनाना उचित नहीं है। इसमें उनके पद, सामाजिक स्थिति और नौकरी की श्रेणी को भी ध्यान में रखना जरूरी है। केंद्र सरकार 2016 से केवल आय के आधार पर विद्यार्थियों को क्रीमी लेयर में शामिल कर रही थी। आठ लाख रुपये से अधिक आय होने पर किसान परिवारों और वर्ग-2 व वर्ग-3 के कर्मचारियों के बच्चों को क्रीमी लेयर में डालना अन्यायपूर्ण है। वहीं, वर्ग-1 के अधिकारियों के पद और सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी विचार होना चाहिए।
इस नीति के कारण यूपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले कई प्रतिभाशाली ओबीसी अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ा। कई विद्यार्थियों ने सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों से अधिक अंक हासिल किए, फिर भी आईएएस और आईपीएस बनने के अवसर से वंचित रह गए।उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को योग्यता के आधार पर समान अवसर मिलना उनका अधिकार है। केंद्र और राज्य सरकारें भविष्य में ऐसे अन्यायपूर्ण मानदंड न अपनाएं, ताकि ओबीसी विद्यार्थियों का शैक्षणिक और प्रशासनिक भविष्य सुरक्षित रह सके।
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