क्या है सियासी रहस्य ?: राकांपा के दोनों गुटों के विलय की अटकलें फिर तेज, तटकरे के बयान से महाराष्ट्र की सियासत में हलचल

राकांपा के दोनों गुटों के विलय की अटकलें फिर तेज, तटकरे के बयान से महाराष्ट्र की सियासत में हलचल
  • पवार से प्रफुल्ल पटेल और सुनेत्रा पवार की मुलाकात के बाद बढ़ी चर्चाएं
  • 10 तारीख को दोनों राकांपा के दोनों गुटों के विलय पर हो सकता है बड़ा फैसला - शशिकांत शिंदे
  • तटकरे के बयान से खुला विलय का मुद्दा
  • प्रफुल्ल पटेल की मुलाकात और 10 तारीख के बाद बात करेंगे का रहस्य

डिजिटल डेस्क, मुंबई. महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर राकांपा के दोनों गुटों के विलय को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राकांपा (अजित) प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने एक बड़ा बयान देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। तटकरे ने दावा किया है कि दोनों राकांपा के विलय को लेकर बैठकें हुई थीं और इसकी जानकारी खुद दिवंगत अजित पवार ने उन्हें दी थी। उनके इस बयान के बाद सवाल उठने लगा है कि क्या महाराष्ट्र में राकांपा के दोनों गुट फिर से एक होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं? इससे पहले राकांपा (शरद) प्रमुख शरद पवार से प्रफुल्ल पटेल ने गुरुवार को अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल जाना था। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसी वीडियो में 10 नवंबर के बाद फिर से मुलाकात की बात की गई थी। इस बीच अस्पताल में पवार का हालचाल जानने के लिए नेताओं का तांता लगा हुआ है। खबर है कि पवार शनिवार को अस्पताल से डिस्चार्ज हो सकते हैं।

तटकरे के बयान से खुला विलय का मुद्दा

राकांपा (अजित) प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि राकांपा के दोनों गुटों के विलय को लेकर पहले भी बैठकें हुई थीं। अजित पवार ने खुद उन्हें इन बैठकों की जानकारी दी थी। तटकरे के मुताबिक अगर अजित पवार मौजूद होते तो बीते 12 फरवरी को दोनों गुटों का विलीनीकरण हो गया होता। दरअसल अजित पवार के निधन के बाद दोनों गुटों के एक साथ आने की संभावनाओं पर लगातार चर्चा होती रही है। हालांकि, इस दिशा में कोई ठोस घोषणा नहीं हुई थी। अब तटकरे के बयान ने इस पुराने मुद्दे को फिर से राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। खास बात यह है कि तटकरे का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अजित गुट में नेतृत्व और संगठन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि शरद गुट के नेता अनिल देशमुख ने तटकरे के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि पहले तो तटकरे इस तरह की किसी भी बात से इंकार कर रहे थे। अब उन्होंने यह बात किसके कहने पर मीडिया में बताई है। देशमुख ने कहा कि क्या तटकरे के ऊपर किसी का दबाव है।

पीएम मोदी के फोन के बाद शरद पवार की भूमिका पर चर्चा

शरद पवार जब पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक अस्पताल में उपचार करा रहे थे, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन कर उनकी तबीयत की जानकारी ली थी। मोदी ने उन्हें जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दी थीं। इस बातचीत को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गईं। बताया गया कि बातचीत के दौरान मोदी ने सुप्रिया सुले का जिक्र करते हुए कहा था कि सुप्रिया ताई और हम देश संभाल रहे हैं। आप अपना ध्यान रखिए और जल्द स्वस्थ होइए, ताकि हमें आपका आशीर्वाद मिलता रहे। प्रधानमंत्री के इस बयान के राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे।

प्रफुल्ल पटेल की मुलाकात और 10 तारीख के बाद बात करेंगे का रहस्य

शरद पवार की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी बीच राकांपा (अजित) कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने अस्पताल पहुंचकर शरद पवार से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत होने की खबर सामने आई। इस मुलाकात के दौरान शरद पवार की ओर से 10 या 11 नवंबर के बाद फिर मिलने की बात कहे जाने की चर्चा भी सामने आई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद सवाल उठने लगा कि आखिर इस मुलाकात में किस मुद्दे पर बातचीत हुई और आगे कौन-सा राजनीतिक फैसला हो सकता है?

राहुल, प्रियंका और उद्धव ने भी की बात

शरद पवार की तबीयत खराब होने की खबर के बाद विपक्षी नेताओं ने भी उनसे संपर्क किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने फोन कर उनकी तबीयत की जानकारी ली। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी शरद पवार को फोन कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी पवार से मिलने पहुंचे।

जयंत पाटील ने कहा- 10 नवंबर के बाद अलीबाग आएंगे पवार

विलय और राजनीतिक मुलाकातों को लेकर चल रही अटकलों के बीच शरद गुट के वरिष्ठ नेता जयंत पाटील ने भी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि शरद पवार की तबीयत ठीक है और उनकी प्रफुल्ल पटेल से करीब 10 मिनट तक बातचीत हुई थी। जयंत पाटील के मुताबिक, पवार 10 नवंबर के बाद अलीबाग में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आने वाले हैं। उनके इस बयान के बाद 10 नवंबर के बाद होने वाली राजनीतिक गतिविधियों को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।

10 तारीख को दोनों राकांपा के दोनों गुटों के विलय पर हो सकता है बड़ा फैसलाः शशिकांत शिंदे

दोनों गुटों के विलय को लेकर राकांपा (शरद) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने संकेत दिया है कि आने वाले 10 तारीख को दोनों गुटों के एक साथ आने को लेकर कोई महत्वपूर्ण फैसला सामने हो सकता है। शिंदे ने कहा कि दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस गुटों के बीच एकीकरण की पहल लंबे समय से चल रही थी। इस साल 12 फरवरी को भी दोनों दलों के एक होने की बात तय हुई थी, लेकिन दुर्भाग्यवश अजित दादा पवार के निधन के कारण यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने कहा कि यदि उस समय दोनों दल एक हो गए होते तो आज महाराष्ट्र की राजनीतिक तस्वीर कुछ अलग होती। शिंदे के मुताबिक, अजित पवार और शरद पवार के बीच भावनात्मक जुड़ाव था और दोनों ही एक साथ आने के इच्छुक थे। हाल ही में प्रफुल्ल पटेल ने शरद पवार से मुलाकात की है और अब 10 तारीख को एक बार फिर बैठक प्रस्तावित है। उन्होंने सुनील तटकरे के बयान को भी एकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

Created On :  

Tags

Next Story