पवार की दोटूक: लखीमपुर खीरी हिंसा शर्मनाक, केंद्रीय राज्य मंत्री मिश्रा को इस्तीफा देना चाहिए

October 13th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अपनी जिम्मेदारी को टाल नहीं सकते हैं। इस मामले में योगी की भूमिका मूकदर्शक की रही है। पवार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद ही केंद्रीय राज्य मंत्री मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी हुई है। 

सरकारी एजेंसियों का दुरुयोग कर रही केंद्र सरकार 

पवार ने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार सरकारी एजेंसियों का लगातार दुरुपयोग कर रही है। केंद्र सरकार सीबीआई, ईडी, एनसीबी, आयकर विभाग जैसी जांच एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है। इसके जरिए मुख्य रूप से राकांपा को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। पवार ने कहा कि राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ मुंबई के तत्कालीन पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह ने वसूली का आरोप लगाया। जिसके बाद देशमुख को इस्तीफा देना पड़ा लेकिन आरोप लगाने वाले आईपीएस अफसर सिंह अब गायब हो गए हैं। देशमुख और सिंह में यह फर्क है। पवार ने कहा कि देशमुख के घर पर पांचवीं बार छापेमारी की गई है। मुझे जांच एजेंसियों के इस कदम पर आश्चर्य होता है। एक व्यक्ति के घर में पांच-पांच बार छापा डालना कितना उचित है। इस पर नागरिकों को भी विचार करने की आवश्यकता है। इसी बीच उपमुख्यमंत्री अजित पवार  की तीन बहनों के ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे पर पवार ने कहा कि उनकी बहनों का चीनी कारखानों से कोई संबंध नहीं है। दो से तीन जगहों पर मेहमान (अफसर) अभी गए नहीं है। पवार ने कहा कि चार से पांच दिनों के छापेमारी की कार्रवाई के बाद अफसर जाना चाहते थे लेकिन उन्हें दिल्ली से लगातार आदेश आ रहे थे कि अभी नहीं निकलना। पवार ने कहा कि दो सालों तक तमाम कोशिशों के बावजूद महा विकास आघाडी सरकार गिरा नहीं सके, इसलिए सरकार के मंत्रियों के करीबियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जिससे मंत्रियों को मानसिक रूप से कमजोर किया जा सके। 

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