संजय राऊत की दो टूक : औरंगजेब की मजार पर जाने वालों को एक दिन उसी कब्र पर जाना पड़ेगा

May 13th, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई। एमआईएम के नेता तथा विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी के औरंगाबाद के खुल्दाबाद में मुगल शासक औरंगजेब की मजार पर जियारत करने को लेकर प्रदेश की राजनीतिक गरमा गई है। भाजपा ने राज्य सरकार से ओवैसी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। शुक्रवार को शिवसेना सांसद संजय राऊत ने कहा कि ओवैसी बंधु महाराष्ट्र को चिढ़ाने के लिए बार-बार औरंगाबाद में आकर औरंगजेब की कब्र पर घुटने टेकते हैं। इसके जरिए ओवैसी बंधु महाराष्ट्र में अंशाति फैलाने की राजनीति करना चाहते हैं। लेकिन किसी दिन उन्हें भी उसी कब्र में जाना पड़ेगा। राऊत ने कहा कि ओवैसी ने महाराष्ट्र को एक चुनौती दी है तो समझ लीजिए कि हमने उनकी चुनौती को स्वीकार कर लिया है। राऊत ने कहा कि हमने औरंगजेब को महाराष्ट्र की मिट्टी में गाड दिया था। औरंगजेब के जो भक्त हैं और वे राजनीति करना चाहते हैं। उनका भी महाराष्ट्र में यही हाल होगा। राऊत ने कहा कि औरंगजेब कोई महान सुफी संत नहीं था। उसने महाराष्ट्र पर आक्रमण किया था। महाराष्ट्र के मंदिरों और प्रार्थना स्थलों को बर्बाद किया था। 

वहीं भाजपा विधायक नितेश राणे ने कहा कि राज्य सरकार ओवैसी के खिलाफ कार्रवाई करने में असमर्थ है। ओवैसी को मालूम है कि यदि वह औरंगजेब की मजार पर नाचेंगे तो भी सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी। क्योंकि राज्य में नामर्दों की सरकार है। इसी को सच्चा हिंदुत्व कहते हैं। नितेश ने कहा कि पुलिस को 10 मिनट के लिए हटा दीजिए। हम ओवैसी को औरंगजेब के पास पहुंचा देंगे। इस पर प्रदेश कांग्रेस के महासचिव सचिन सावंत ने कहा कि भाजपा के नेता चीख-चीख कर ओवैसी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि आईपीसी की किस धारा के तहत कार्रवाई हो सकती है। क्या उसी धारा के तहत पाकिस्तान जाकर मोहम्मद अली जिन्ना के कब्र पर पुष्प अर्पित करने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और जेडीयू के वरिष्ठ नेता तथा बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की गई थी? सावंत ने कहा कि कांग्रेस भाजपा और आरएसएस की तरह ओवैसी का भी विरोध करती है। मगर अफसोस की बात यह है कि भाजपा राजनीतिक स्वार्थ के लिए ओवैसी का इस्तेमाल करती है। वहीं छत्रपति संभाजी राजे ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि पर ओवैसी ने जो किया है। वह उचित नहीं है।