उद्धव ठाकरे का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा: कहा- हमें तो अपनों ने ही धोखा दिया, विदाई भाषण में दिखे भावुक

June 29th, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई। शिवसेना प्रमुखा उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि मुझे सीएम पर का कोई मोह नहीं है। सुप्रीम कोर्ट से विधानसभा में शक्ति परीक्षण की अनुमति मिलने के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार की रात अपने पद से इस्तीफा देने का एलान कर दिया। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद रात 9.30 बजे सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य की जनता के साथ संवाद के दौरान उद्धव ने इस्तीफा देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री पद के साथ उद्धव ने विधान परिषद सदस्य पद से भी इस्तीफा दे दिया। इस दौरान उन्होंने शिवसेना के बागियों को लेकर नाराजगी जताते हुए शिवसेना कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की। उद्धव ने अपने संबोधन में कहा कि आज मैं जो बोल रहा हूं दिल से बोल रहा हूं। बाला साहेब ने रिक्शा चलाने वालों, हाथ गाडी चलाने वालों को बड़ा किया। उन्हें सांसद विधायक बनाया पर ऐसे लोग नाराज हो गए। जबकि इन दिनों मुझे समर्थन देने मातोश्री आने वाले वे शिवसैनिक हैं जिनकों मैंने कुछ नहीं दिया। उनका इशारा शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे की तरफ था। राजनीति में आने से पहले शिंदे ठाणे में रिक्शा चलाते थे। उद्धव ने कहा कि आज न्याय देवता ने न्याय दिया है। कोरोना टेस्ट की तरह फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया है। राज्यपाल को धन्यवाद। उन्होंने विपक्ष का पत्र मिलने के 24 घंटे के भीतर हमें फ्लोर टेस्ट का आदेश दे दिया पर दो वर्षों से लटकी राज्यपाल मनोनित विधान परिषद सदस्यों की फाईल पर फैसला नहीं लिया। 

कांग्रेस-राकांपा की तारीफ

उद्धव ने इस दौरान कांग्रेस-राकांपा की तारीफ करते हुए कहा कि जिनके बारे में कहा जात था कि वे धोखा देंगे उन्होंने ऐसा नहीं किया। आज मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने कहा कि हम बाहर से भी आप की सरकार को समर्थन देने को तैयार हैं। शिवसेना पक्ष प्रमुख न सवाल किया कि आखिर नाराजगी किससे है। सुरत-गुवाहाटी जाकर नाराजगी जाहिर करने से अच्छा था कि घर पर बैठ कर बात करते। मुंबई में सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। शिवसेना कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया जा रहा है। कल मिलिटरी भी आएगी। मैं शिवसैनिकों से कहूंगा कि इन्हें आने दो। लोकतंत्र का पालना हिलने का उत्सव मनाया जाना चाहिए। तुम्हारे रास्ते में कोई नहीं आएगा। शक्ति परीक्षण में मुझे कोई रुचि नहीं। सारे लोग एकजुट हो गए तो बहुमत सिद्ध करो। इन पर विश्वास किया यह मेरा पाप है। उन्होंने शिवसेना प्रमुख के पुत्र को नीचे उतारने का पुण्य किया है। मुझे मुख्यमंत्री पद छोड़ने का कोई दुख नहीं। मैं जो करते हूं मराठी माणुस व हिंदुत्व के लिए करता हूं। मुख्यमंत्री पद का त्याग करता हूं। मैं डरने वाला नहीं हूं। उद्धव ने शिवसैनिकों से शांत रहने की अपील की है। 
 

उद्धव ठाकरे का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा

महाविकास आघाड़ी सरकार मुखिया मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल में बेहद भावुक होकर विदाई भाषण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई सालों में मुझे राकांपा और कांग्रेस का काफी अच्छा सहयोग मिला। लेकिन मेरी पार्टी शिवसेना के कुछ लोगों ने दगा दिया है। मुख्यमंत्री का इशारा शिवसेना के बागी विधायकों और मंत्रियों की ओर था। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मेरे लोगों ने मुझे धोखा दिया। मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल होने के लिए लंबे समय बाद मंत्रालय आए थे। जबकि औमतार पर मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल की बैठक में ऑनलाइन शामिल होते थे। लेकिन सरकार को लेकर अस्थिरता के बीच हुई मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री मंत्रालय पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभागों के सचिवों और अधिकारियों को भी सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री की बैठक के बाद मंत्रालय से निकलते हुए उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से हाथ जोड़कर अभिवादन किया। 

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रदेश के जलसंसाधन मंत्री जयंत पाटील ने कहा कि नवंबर 2019 में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस तीन अलग-अलग विचारधारा वाले दलों ने मिलकर सरकार बनाई थी। इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चलाने के लिए राकांपा और कांग्रेस दोनों दलों का मुझे बहुत ही अच्छा सहयोग मिला। मगर मेरे खुद की पार्टी शिवसेना के कुछ लोगों ने मुझे दगा दिया। सरकार चलाने के लिए राकांपा और कांग्रेस को सहयोग देने के लिए आभार जताया। पाटील ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल की बैठक में सहयोग के लिए सभी लोगों का आभार व्यक्त किया है। लेकिन उन्होंने यह नहीं कहा कि मंत्रिमंडल की यह आखिर बैठक थी। बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि काफी मुद्दा पर अगली बैठक में विचार किया जाएगा।  

कांग्रेस महाविकास आघाड़ी सरकार को बाहर से समर्थन देने के लिए तैयार- केदार

कांग्रेस नेता व प्रदेश के पशुपालन मंत्री सुनील केदार ने कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार को बचाने के लिए कांग्रेस अंतिम क्षण तक प्रयास करेगी। यदि कुछ विशिष्ट मंत्रियों को कांग्रेस के प्रति द्वेष होगा तो कांग्रेस सरकार से निकलकर बाहर से समर्थन देने के लिए तैयार है। केदार ने कहा कि मुख्यमंत्री को प्रशासन का कोई अनुभव नहीं था। लेकिन उन्होंने कोरोना के संकट से लड़ाई लड़ी। इसके बाद उन्होंने स्पाइन सर्जरी के महीने भर बाद दोबारा बागडोर संभाल लिया। केदार ने कहा कि मुझे दुनिया में किसी एक व्यक्ति का नाम बताइए जिसने स्पाइन सर्जरी के महीने भर में दोबारा काम शुरू कर दिया हो। मुख्यमंत्री की सर्जरी काफी तकलीफ वाली थी। इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुख्यमंत्री से कहा था कि आपने सर्जरी कराकर बहुत हिम्मत दिखाई है। ऐसे व्यक्ति के साथ छल और कपट हुआ है। इस बारे में राज्य की 12 करोड़ जनता सोचेगी या नहीं? 

मेरी बातों से बागी विधायकों को आता है गुस्साः संजय राऊत 

वहीं शिवसेना सांसद संजय राऊत ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में मन की वेदना जाहिर की है। राऊत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कुछ लोगों को भाई, बेटे और दोस्त की तरह संभाला था। लेकिन बागी विधायकों ने बिना किसी ठोस कारण के मुख्यमंत्री और शिवसेना के पीठ में छूरा घोंपा है। यह वेदना महाराष्ट्र के मन में हमेशा कायम रहेगी। बागी विधायकों ने दगाबाजी का नया अध्याय लिखा है। राऊत ने कहा कि औरंगजेब ने जिस तरीके से छत्रपति संभाजी महाराज की हत्या की थी। उसी तरह से बागी विधायकों ने लोकतंत्र की हत्या की है। बागी विधायकों को अपने मौत के बाद हिसाब देना पड़ेगा कि उन्होंने बगावत किस स्वार्थ के लिए किया था। राऊत ने कहा कि मैं जब बोलता हूं तो बागी विधायकों को काफी गुस्सा आता है। लेकिन मैं सच बोलता हूं। मैं जो बोलता हूं वही बात मुख्यमंत्री ने अलग शब्दों में कही है।