UGC Controversy: UGC के नए नियमों पर अंतरिम रोक, SC का बड़ा फैसला, केंद्र सरकार को नोटिस जारी

UGC के नए नियमों पर अंतरिम रोक, SC का बड़ा फैसला, केंद्र सरकार को नोटिस जारी
सुप्रमी कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर अंतरिम रोक लगाई है। अदालत ने कहा कि अभी 2012 वाले नियम ही लागू किए जाएंगे। इस मामले पर आगे की सुनवाई 19 मार्च को होगी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रमी कोर्ट ने गुरुवार (29 जनवरी) को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों पर अंतरिम रोक लगाने का फैसला लिया है। उच्चतम न्यायालय ने यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनावाई करते हुए कहा कि अभी 2012 वाले रूल्स ही फॉलो किए जाएंगे। इस मामले में अदालत ने केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस भेज जवाब के लिए 19 मार्च तक का समय दिया है। अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।

CJI ने पूछा सवाल

सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने सवाल किया कि आजादी के 75 साल बाद भी हम समाज को जातियों से मुक्त नहीं कर सके हैं। अब क्या इस नए कानून से हम और पीछे की ओर जा रहे हैं?

वकील का क्या कहना?

सुप्रीम कोर्ट द्वारा UGC रेगुलेशन 2026 पर रोक लगाने पर, एक याचिकाकर्ता के वकील एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने कहा कि आज सुप्रीम कोर्ट ने हमारी रिट याचिका पर सुनवाई की, जिसमें हाल ही में बनाए गए UGC रेगुलेशन को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने UGC रेगुलेशन पर रोक लगा दी है और उन्हें अभी लागू नहीं किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगले आदेश तक UGC रेगुलेशन 2012 लागू रहेंगे। मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।

क्यों हो रहा है नए नियमों का विरोध?

आपको बता दें कि, यूजीसी ने कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जाति, धर्म, लिंग विकलांगता के आधार पर भेदभाव को रोकने के लिए नए नियम बनाए हैं जिसको लेकर विवाद हो गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि 3(e) में ST, SC और OBC वर्ग के छात्रों को शामिल किया गया है। इससे जनरल कैटेगरी बालों के साथ भेदभाव हो रहा है। बस इतना ही नहीं बल्कि हर कॉलेज और यूनिवर्सिटी में समान अवसर केंद्र (EOC) का होना जरूरी कर दिया गया है। साथ ही, इक्विटी कमेटी बनाने की बात कही गई है। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि इस कमेटी में केवल SC, ST, OBC, महिला और दिव्यांग श्रेणियों का प्रतिनिधित्व अनिवार्य क्यों किया गया है।

'सरकार को बढ़ाना चाहिए गाइडलाइन का दायरा'

सुप्रीम कोर्ट ने UGC रेगुलेशन 2026 पर रोक लगा दी है, CPI सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि UGC गाइडलाइंस सुप्रीम कोर्ट के आदेश का नतीजा थीं। इस सरकार ने इसे कमजोर कर दिया था। सरकार को इस गाइडलाइन का दायरा बढ़ाना चाहिए था, लेकिन यह विवाद खड़ा किया गया है, और यह BJP का मुद्दा है। इसकी वजह से छात्रों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

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Created On :   29 Jan 2026 1:31 PM IST

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