Instagram Content Notice: इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़े हुए अश्लील ऐड्स के आरोप, केंद्र सरकार ने दिखाई सख्ती, मेटा को जारी किया जाएगा नोटिस

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से संबंधित अश्लील कंटेंट के प्रचार का मामला सामने आया है। इसके बाद केंद्र सरकार ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विणी वैष्णव ने मंत्रालय के अधिकारियों को मेटा को नोटिस भेजने के निर्देश दिए हैं। सकरार जानना चाहती है कि आखिर ऐसे ऐड्स इंस्टाग्राम पर कैसे दिखाई दिए, उन्हें रोकने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और आने वाले समय में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या तैयारी है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि इंस्टाग्राम पर कुछ पेमेंट वाले विज्ञापन ऐसे खातों और वेबसाइटों का प्रचार कर रहे थे, जिनका संबंध बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री से बताया गया। इन विज्ञापनों के जरिए लोगों को ऐसे चैनलों तक पहुंचाया जा रहा था, जहां कथित तौर पर यह गैरकानूनी सामग्री केवल 99 रुपये में उपलब्ध कराई जा रही थी। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि ऐसे ऐड्स प्लेटफॉर्म के रिव्यू करने के बाद ही लोगों तक पहुंचे हैं।
यह भी पढ़े -एक पेड़ मां के नाम 3.0' से हरित चेतना को मिलेगा नया विस्तार, जुलाई में विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण का महाअभियान
सरकार की चिंता क्यों बढ़ी?
सरकार का कहना है कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है। अगर किसी मंच पर इस तरह का कंटेंट या उसका प्रचार दिखाई देता है, तो यह बेहद गंभीर मामला है। इसलिए संबंधित कंपनी से पूरे मामले की जानकारी लेकर जवाबदेही तय की जाएगी।
यह भी पढ़े -आयतुल्लाह खामेनेई को अंतिम विदाई; श्रद्धांजलि देने तेहरान पहुंचे भारतीय नेताओं समेत कई देशों के प्रतिनिधि
कानून में क्या है प्रावधान?
देश में बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री बनाना, शेयर करना, बेचना या उसका प्रचार करना गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 67 और 67बी के तहत कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों में भी दोषियों के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान है। बड़े सोशल मीडिया मंचों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसी सामग्री को समय रहते हटाएं और शेयर होने से रोकें।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर मेटा के जवाब पर टिकी है। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार कंपनी से उसकी विज्ञापन जांच व्यवस्था और सुरक्षा उपायों को लेकर विस्तृत जानकारी मांगेगी। हाल के समय में सरकार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर आपत्तिजनक सामग्री को लेकर लगातार सख्ती दिखा रही है।
Created On :   3 July 2026 6:29 PM IST





