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गुलाबो सिताबो: जानें कैसी है इस फिल्म की कहानी और कितनी की कमाई?

गुलाबो सिताबो: जानें कैसी है इस फिल्म की कहानी और कितनी की कमाई?

डिजिटल डेस्क, मुंबई। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) और आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) की बहुचर्चित फिल्म गुलाबो सिताबो (Gulabo Sitabo) अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) पर 200 देशों में 15 भाषाओं के सबटाइटल्स के साथ रिलीज़ हो गई है। 'गुलाबो सिताबो' को शूजित सरकार ने डायरेक्ट किया है जबकि इस फिल्म की कहानी जूही चतुर्वेदी ने लिखी है।

चूंकि कारोनोवायरस लॉकडाउन के चलते देशभर के सिनेमा हॉल बंद हैं, इसलिए OTT प्लेटफॉर्म पर फिल्में रिलीज होने जा रही हैं। हालांकि इस बीच लोगों के मन में यह ख्याल भी आया कि लंबे समय से चर्चा में रही गुलाबो सिताबो ने कितने पैसे कमाए हैं? आइए जानते यहां जानते हैं इस फिल्म की कहानी और बजट और कमाई के बारे में...

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सबसे पहले बात करते हैं इस फिल्म के बजट की तो यह 25-30 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। लेकिन अब बॉक्स ऑफिस कलेक्शन रिपोर्ट तो आ नहीं रही है क्योंकि सिनेमाघरों में फिल्म रिलीज नहीं हो रही है। वहीं फिल्म के प्रमोशन में कोई खास खर्च हुआ नहीं है। सूत्रों का कहना है कि कि अमेजन प्राइम वीडियो ने फिल्म को लगभग 61 करोड़ रुपए में खरीदा है। इस तरह फिल्म अच्छे-खासे फायदे में गई है।  

फिल्म की कहानी
शूजित सरकार की गुलाबो सिताबो फिल्म का मुख्य किरदार एक हवेली है। इसकी कहानी अमिताभ और आयुष्मान के इर्द-गिर्द घूमती है, जो मिर्जा और बांके के रूप में नजर आते हैं। निर्देशक सुजीत सरकार ने इस कहानी को एक बेहद अनोखे अंदाज में पेश किया है। दरअसल, 78 साल के लालची, झगड़ालू, कंजूस और चिड़चिड़े स्वभाव के मिर्जा की जान उस हवेली में बसती है। हवेली मिर्जा की बीवी फातिमा की पुश्तैनी जायदाद है, इसीलिए इसका नाम फातिमा महल है।

मिर्जा पैसों के लिए हवेली की पुरानी चीजों को चोरी से बेचता रहता है। उसे खुद से 17 साल बड़ी फातिमा के मरने का इंतजार है ताकि हवेली उसे मिल सके। इस हवेली में कुछ किराएदार हैं जिसमें से एक है बांके रस्तोगी और इनका परिवार। मिर्जा को हमेशा पैसों की किल्लत रहती और वो हमेशा इन किराएदारों से किराए का तकाजा करता रहता है। बांके के साथ मिर्जा की बिल्कुल नहीं जमती। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।