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Bhopal News: जय जोहार पर गाली-गलोच और आदिवासी छात्रों को अपशब्द कहने वाले टीआई सस्पेंड, मुख्यमंत्री ने दिए दिए जांच के आदेश

डिजिटल डेस्क, भोपाल। भोपाल में आदिवासी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गाली-गलौज करने वाले मिसरोद टीआई (टु आईसी) रतन सिंह परिहार को बुधवार को निलंबित कर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मामले पर संज्ञान लिया। इसके साथ ही राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि जय जोहार सम्मानित उद्घोष है। उन्होंने कहा कि जांच में अन्य लोग भी दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने टीआई को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। मामला 13 अक्टूबर मंगलवार का है। जब मिसरोद क्षेत्र में आदिवासी छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान जय जोहार के नारे लगाए। जिससे बाद टीआई रतन सिंह भड़क गए और उन्होंने छात्रों को अपशब्द कहे। जिसका वीडियो वायरल होने के बाद आदिवासी संगठनों ने इस पर नाराजगी जाताते हुए टीआई पर कार्रवाई की मांग की थी।
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एट्रोसिटी एक्ट में मामला दर्ज करने की मांग
आदिवासी छात्रों को अपशब्द और गाली देने वाले टीआई का वीडियो वायरल होने के आदिवासी संगठनों ने टीआई के निलंबन और जांच की मांग की थी। जयस के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ हीरालाल अलावा ने टीआई के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट में एफआईआर दर्ज करने और सेवा समाप्त करने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घटना को निंदनीय बताया।
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उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले आदिवासी छात्रों के साथ जोहार कहने पर अभद्रता करना गलत है। जोहार कोई गाली नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति, पहचान, स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक है। यह अभिवादन प्रेम, आदर और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति और अस्मिता का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्दी का इस्तेमाल नागरिकों को अपमानित करने के लिए नहीं, बल्कि उनके अधिकारों की रक्षा के लिए होना चाहिए। सिंघार ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की थी।
Created On :   15 Oct 2026 11:23 PM IST













