Jabalpur News: कोई भी व्यक्ति जन्म से अपराधी नहीं होता पर परिस्थितियां उसे कर देती हैं मजबूर

कोई भी व्यक्ति जन्म से अपराधी नहीं होता पर परिस्थितियां उसे कर देती हैं मजबूर
मप्र हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने किया विशेष जेल लोक अदालत का शुभारंभ

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। कोई भी व्यक्ति जन्म से अपराधी नहीं होता है। परिस्थितियां उसे ऐसा करने पर मजबूर कर देती है। यह भी सच है कि प्रत्येक व्यक्ति में परिवर्तन की अपार संभावनाएं होती हैं, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को सुधरने का अवसर प्रदान किया जाना चाहिए। उक्ताशय के विचार मप्र हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने केंद्रीय जेल ग्वालियर में विशेष जेल लोक अदालत के शुभारंभ के अवसर पर व्यक्त किए।

इस मौके पर जस्टिस आनंद पाठक भी मौजूद थे। मप्र राज्य विधिक प्राधिकरण द्वारा जेल में निरुद्ध बंदियों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश भर में विशेष जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया।

जबलपुर सेंट्रल जेल में 22 प्रकरणों का निराकरण

रविवार को जबलपुर सेंट्रल जेल में भी विशेष जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष कृष्णमूर्ति मिश्रा ने किया। प्रकरणों के निराकरण के लिए दो खंडपीठों का गठन किया गया। प्रथम खंडपीठ में विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट वेदप्रकाश सागर के साथ अधिवक्ता वेदप्रकाश नेमा और नरेन्द्र ठाकुर शामिल रहे।

दूसरी खंडपीठ में न्यायिक मजिस्ट्रेट किरण वर्मा के साथ मीडिएटर सरिता जैन कोछाल और संतोष पासी शामिल थे। दोनों खंडपीठों में 22 प्रकरणों का निराकरण किया गया।

इस मौके पर विशेष न्यायाधीश सुनील कुमार, जिला रजिस्ट्रार ऋषिराज मिश्रा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक सोनी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शक्ति वर्मा मौजूद थीं।

लोक अदालत में छोटू को मिली जेल से रिहाई

सेंट्रल जेल में अमित उर्फ छोटू (परिवर्तित नाम) आपसी विवाद के चलते लगाए गए चोरी के आरोप में एक साल से जेल में था। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ताओं को बुलाया गया। समझाइश के बाद उन्होंने शिकायत वापस ले ली।

इसके बाद तत्काल छोटू की रिहाई का आदेश जारी कर दिया गया। इस प्रकार एक साल से लंबित प्रकरण का निराकरण एक दिन में हो गया।

Created On :   27 April 2026 5:55 PM IST

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